{"_id":"5c730535bdec22737a368de4","slug":"41551041845-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहिलेश्वर महादेव मंदिर का होगा जीर्णोद्धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहिलेश्वर महादेव मंदिर का होगा जीर्णोद्धार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। जल्द ही अहिल्या घाट स्थित अहिलेश्वर महोदव मंदिर को भी भव्य रूप दिया जाएगा। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रस्ट ने मंदिरों के जीर्णोद्धार में लगी एजेंसियों से संपर्क किया है, ताकि इस मंदिर को और बेहतर बनाया जा सके।
1780 में इंदौर स्टेट की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद उन्होंने गंगा घाट के किनारे अपना महल बनवाया, जिसे अहिल्याबाई महल कहते हैं और उस महल में भी एक शिव मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर की वास्तुकला काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह ही है। लेकिन मंदिर का रख रखाव न होने से वह काफी उपेक्षित हो गया है। बंदरों ने मंदिर का शिखर भी तोड़ दिया है।
इसकी जानकारी जब राज परिवार को हुई तो उन्होंने इस मंदिर के जीर्णोद्धार की योजना बनाई। अहिल्याबाई होलकर चैरिटेबल ट्रस्ट के सहायक प्रबंधक विशाल खन्ना ने बताया कि मंदिर के अलावा पूरे महल को भी संवारने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों से संपर्क किया जा रहा है, निरंतर पूजा पाठ हो इसकी भी व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
1780 में इंदौर स्टेट की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद उन्होंने गंगा घाट के किनारे अपना महल बनवाया, जिसे अहिल्याबाई महल कहते हैं और उस महल में भी एक शिव मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर की वास्तुकला काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह ही है। लेकिन मंदिर का रख रखाव न होने से वह काफी उपेक्षित हो गया है। बंदरों ने मंदिर का शिखर भी तोड़ दिया है।
विज्ञापन
इसकी जानकारी जब राज परिवार को हुई तो उन्होंने इस मंदिर के जीर्णोद्धार की योजना बनाई। अहिल्याबाई होलकर चैरिटेबल ट्रस्ट के सहायक प्रबंधक विशाल खन्ना ने बताया कि मंदिर के अलावा पूरे महल को भी संवारने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों से संपर्क किया जा रहा है, निरंतर पूजा पाठ हो इसकी भी व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन