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अतिक्रमण हटाया, पुलिस पर पथराव-AZAMGARH

Thu, 14 Feb 2019 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 11:50 PM IST
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अतिक्रमण हटाया, पुलिस पर पथराव-AZAMGARH

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घोसिया (भदोही)। माधोसिंह से सटे जयरामपुर में बृहस्पतिवार को प्रशासन ने हाईवे की जमीन बने 32 मकानों का अतिक्रमण बुलडोजर लगा कर तोड़ दिया। शाम होते-होते अतिक्रमणकारी उग्र हो गए और अतिक्रमण हटा रहे पोकलैंड चालक पर हमला कर दिया। इसके बाद लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगा कर नारेबाजी करने लगे, इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके पर पुलिस कर्मी पीछे हट गए। बाद में भारी फोर्स के साथ पहुंचे एडीएम के समझाने पर जाम समाप्त हुआ। जाम की वजह हाईवे पर देर रात तक वाहनों की कतार लगी रही। उधर गंभीर रूप से घायल पोकलैंड चालक को अन्यत्र रेफर कर दिया गया। पीड़ितों का आरोप था कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद भी उनके मकान तोड़ दिए गए।
वाराणसी- प्रयागराज राजमार्ग को सिक्सलेन किया जा रहा है। इसके तहत हाईवे के किनारे बने मकानों को हटाया जा रहा है। भूमिधरी में जिनके मकान हैं उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है और जो मकान एनएचएआई की जमीन में है, उन्हें गिराया जा रहा है। दो बार नोटिस भेजने के बाद जवाब नहीं आने पर बृहस्पतिवार को गुरुवार को एनएचएआई की टीम, एसडीएम औराई कविता मीना, पुलिस क्षेत्राधिकारी रामकरन, कोतवाल सुनील दत्त दुबे ने महिला पुलिस, बीएसएफ के जवानों के साथ माधोसिंह जीटी रोड के दक्षिणी लेन पर स्थित राजस्व ग्राम जयरामपुर में अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई शुरू की।कुल 32 लोगों के मकान को जेसीबी से तोड़ा गया। दो-ढाई घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस फोर्स वहां से हट गई। शाम को 15 से 16 पुलिसकर्मी बचे तो 50 की संख्या में आए लोगों ने पोकलैंड चालक को पीटना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के साथ लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। खबर मिलते ही जिले के सभी थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई । पथराव में कोई घायल नहीं हुआ। जाम लगने से औराई से बाबूसराय और गोपीगंज तक वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। उधर ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन में बने मकान की सही ढंग से नापजोख नहीं की गई। कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बाद भी कार्रवाई की गई। प्रशासनिक कार्रवाई से उनके परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए।
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नेशनल हाईवे एक्ट 2002 के प्रावधान के तहत अतिक्रमणकारियों को दो-दो बार नोटिस भेजकर समय दिया गया था कि वह अपना पक्ष रखें। राजस्व विभाग की टीम ने चार बार पैमाइश कर निशान लगाया था। आपत्ति दर्ज करने के लिए तीन दिन का समय देने के बाद भी किसी की आपत्ति कार्यालय में प्राप्त नहीं हुई। कार्रवाई के दौरान 32 मकानों को तोड़कर हाईवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
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- एके राय, एनएचआई के प्रोजेक्ट निदेशक
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