फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   फाइलों में दबा दालमंडी के अवैध बेसमेंट का मामला

फाइलों में दबा दालमंडी के अवैध बेसमेंट का मामला

Thu, 17 Jan 2019 02:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jan 2019 02:34 AM IST
विज्ञापन
फाइलों में दबा दालमंडी के अवैध बेसमेंट का मामला
वाराणसी। चौक क्षेत्र के दालमंडी में मिले अवैध बेसमेंट का मामला फाइलों में दब गया है। अब यह पूरा प्रकरण शासन के पाले में चला गया है। जब तक फैसला नहीं हो जाएगा, तब तक यह मामला उसी तरह दबा रहेगा। वीडीए ने भी बेसमेंट के दरवाजे को बंद कराकर खानापूर्ति कर ली है।
विज्ञापन

16 जनवरी की रात्रि में एसएसपी आरके भारद्वाज ने रात्रि गश्त के दौरान मंडी में एक अवैध बेसमेंट में निर्माण होते हुए पकड़ा। इसके बाद जब खुलासा हुआ तो खुफिया एजेंसियों से लेकर सभी के हाथ पांव फूल गए। पिछले कई माह से चल रहे इस निर्माण को लेकर न तो पुलिस को पता था और न ही वीडीए को। ऐसे में यह पूरा खेल पिछले करीब छह साल से चल रहा था। बाद में वीडीए ने उसे गिराने को कहा लेकिन तब तक फाइल कमिश्नर कोर्ट पहुंच गई। कमिश्नर के आदेश पर वीडीए की ओर से जारी ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ शासन में अपील हुई तो मामला लटक गया।
विज्ञापन

मामले के अधर में लटकने के चलते ही वीडीए ने प्रवेश द्वार को बंद करा दिया। हालांकि आज तक वीडीए और पुलिस एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। पुलिस का कहना था कि अवैध निर्माण रोकने का काम पुलिस का नहीं है, जबकि वीडीए का कहना था कि रात्रि में हो रहे निर्माण पर वीडीए कारवाई नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुकदमा दर्ज करने तक सिमटी पुलिस
इतने बड़े मामले और सुरक्षा को लेकर हो रहे खिलवाड़ के बाद भी पुलिस ने एक साल में इस मामले में मंसूर अहमद, शहीद अली, शमशेर आलम, अली जान व शायरा व राबिया बानो पर केस दर्ज करके खानापूर्ति कर दी। वीडीए भी शासन स्तर पर फाइल जाने के बाद आराम फरमाने लगा है, लेकिन हल आज तक नहीं निकल पाया।

फिर से हुई है शिकायत
दालमंडी इलाके में अवैध बेसमेंट बनने और उस बेसमेंट के खुलने की शिकायत हुई है। ऑनलाइन हुई इस शिकायत में पुलिस और वीडीए के अलावा जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। भेलूपुर के एक व्यक्ति ने फिर से बेसमेंट का प्रयोग होने और नए बेसमेंट बनाने की शिकायत की है। जोनल अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि बेसमेंट को उसी समय सील कर दिया गया था। बाद में किसी प्रकार की कोई घटना न हो। इसलिए उसे दीवार बनाकर बंद कर दिया गया। शासन के आदेश पर अगला कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed