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मंडलीय अस्पताल में अब परामर्श के लिए नहीं भटकेंगे मरीज
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वाराणसी। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब परामर्श के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अब जरूरत पड़ने पर हर दिन उन्हें दूसरे अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेंटर पर बंद ताला एक महीने बाद खुल गया। यहां तैनात कर्मचारी के एक दिसंबर से काम छोड़कर चले जाने की वजह से सेंटर पर ताला लगा था।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओपीडी के साथ-साथ भर्ती, ऑपरेशन आदि में जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से ऑनलाइन परामर्श मिल सके, इसके लिए ही स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टेलीमेडिसिन सेंटर खुलवाया गया था। सेंटर पर लगी सूची में हर दिन की समय-सारिणी, आईएमएस बीएचयू के चिकित्सकों के नाम भी दर्ज हैं। मरीजों को लाभ मिल सके, इसके लिए यहां कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट सेवा के साथ ही अन्य सुविधाएं भी हैं। सेंटर संचालन के लिए जिस कर्मचारी की तैनाती हुई थी वह एक दिसंबर से काम छोड़कर चला गया था, जिस वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पाया। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करता है वहीं एक कर्मचारी की तैनाती में ही एक महीने का समय लग गया। इस बारे में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि दो जनवरी को पीजीआई लखनऊ से नए कर्मचारी हरेंद्र कुमार की तैनाती कर दी गई, जिसके बाद अब सेंटर पहले की तरह चल सकेगा। आईएमएस बीएचयू को भी पत्र भेजकर तय समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति आदि की अपील की जाएगी।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओपीडी के साथ-साथ भर्ती, ऑपरेशन आदि में जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से ऑनलाइन परामर्श मिल सके, इसके लिए ही स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टेलीमेडिसिन सेंटर खुलवाया गया था। सेंटर पर लगी सूची में हर दिन की समय-सारिणी, आईएमएस बीएचयू के चिकित्सकों के नाम भी दर्ज हैं। मरीजों को लाभ मिल सके, इसके लिए यहां कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट सेवा के साथ ही अन्य सुविधाएं भी हैं। सेंटर संचालन के लिए जिस कर्मचारी की तैनाती हुई थी वह एक दिसंबर से काम छोड़कर चला गया था, जिस वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पाया। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करता है वहीं एक कर्मचारी की तैनाती में ही एक महीने का समय लग गया। इस बारे में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि दो जनवरी को पीजीआई लखनऊ से नए कर्मचारी हरेंद्र कुमार की तैनाती कर दी गई, जिसके बाद अब सेंटर पहले की तरह चल सकेगा। आईएमएस बीएचयू को भी पत्र भेजकर तय समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति आदि की अपील की जाएगी।
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