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दो मिनट लगते, जाम से डेढ़ घंटे में पहुंचे
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वाराणसी। नव वर्ष के पहले दिन मंगलवार को सुबह से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में भीषण जाम लग गया। हालत यह रही कि लंका स्थित रविदास गेट चौराहा से संकटमोचन मंदिर तक पहुंचने में जहां सामान्यतया दो से तीन मिनट लगते हैं, वहां बाइक से जाने में लगभग डेढ़ घंटा लग गया। शहर की ओर से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर और सर सुंदरलाल अस्पताल जा रही कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही और गंभीर मरीजों की जान पर बन आई, लेकिन रविदास गेट चौराहा और संकटमोचन मंदिर के पास तैनात पुलिसकर्मी कुछ भी कर पाने की स्थिति में नहीं दिखे।
हर साल एक जनवरी को सुबह से ही काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, संकटमोचन मंदिर, बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाटों और सारनाथ क्षेत्र में आमजन की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके बावजूद भीड़ के हिसाब से वाहन पार्किगिं और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं की गई। ऊपर से सड़क और पटरियों पर बेतरतीब खड़े वाहनों और लोगों के जल्दी आगे निकलने की होड़ ने ‘कोढ़ में खाज’ जैसा काम किया। नतीजतन, लंका स्थित रविदास गेट चौराहा से सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे के बाद तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहीं।
शाम के समय समस्या एक बार फिर गहरा गई। लंका से अस्सी घाट की ओर जाने वाला मार्ग जाम की चपेट में रहा और इलाके के थानेदार की ही जीप फंसी रही। ऐसी ही स्थिति गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट और गिरजाघर होते हुए लक्सा मार्ग की रही। गोदौलिया से चौक होते हुए मैदागिन चौराहा तक, कबीरचौरा होते हुए लहुराबीर चौराहा तक, नई सड़क, सिगरा से मलदहिया होते हुए अंधरापुल तक, नदेसर, भोजूबीर और हुकुलगंज-पांडेयपुर मार्ग की यातायात व्यवस्था पहले की तरह ही ध्वस्त रही। सारनाथ क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान इन क्षेत्रों की गलियाें में भी वाहनों की कतार लगी रही और राहगीरों में जमकर किचकिच हुई।
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वीआईपी की कार और साड़ ने बढ़ाई परेशानी
संकटमोचन मंदिर की ओर लोगों को पैदल जाने के लिए भी सोचना पड़ रहा था। इसी बीच आई एक वीआईपी की कार ने जाम की समस्या को और विकराल बना दिया। पुलिसकर्मी कार को किनारे करा ही रहे थे कि एक सांड़ झूमता हुआ जाम में घुस गया। इससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान वाहन सवार लोगोें में आपस में ही जमकर नोकझोंक भी हुई। वहीं, रविदास गेट चौराहा पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी जाम की समस्या से बेपरवाह वाहनों का चालान काटने में व्यस्त दिखे।
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हर साल एक जनवरी को सुबह से ही काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, संकटमोचन मंदिर, बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाटों और सारनाथ क्षेत्र में आमजन की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके बावजूद भीड़ के हिसाब से वाहन पार्किगिं और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं की गई। ऊपर से सड़क और पटरियों पर बेतरतीब खड़े वाहनों और लोगों के जल्दी आगे निकलने की होड़ ने ‘कोढ़ में खाज’ जैसा काम किया। नतीजतन, लंका स्थित रविदास गेट चौराहा से सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे के बाद तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहीं।
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शाम के समय समस्या एक बार फिर गहरा गई। लंका से अस्सी घाट की ओर जाने वाला मार्ग जाम की चपेट में रहा और इलाके के थानेदार की ही जीप फंसी रही। ऐसी ही स्थिति गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट और गिरजाघर होते हुए लक्सा मार्ग की रही। गोदौलिया से चौक होते हुए मैदागिन चौराहा तक, कबीरचौरा होते हुए लहुराबीर चौराहा तक, नई सड़क, सिगरा से मलदहिया होते हुए अंधरापुल तक, नदेसर, भोजूबीर और हुकुलगंज-पांडेयपुर मार्ग की यातायात व्यवस्था पहले की तरह ही ध्वस्त रही। सारनाथ क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान इन क्षेत्रों की गलियाें में भी वाहनों की कतार लगी रही और राहगीरों में जमकर किचकिच हुई।
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वीआईपी की कार और साड़ ने बढ़ाई परेशानी
संकटमोचन मंदिर की ओर लोगों को पैदल जाने के लिए भी सोचना पड़ रहा था। इसी बीच आई एक वीआईपी की कार ने जाम की समस्या को और विकराल बना दिया। पुलिसकर्मी कार को किनारे करा ही रहे थे कि एक सांड़ झूमता हुआ जाम में घुस गया। इससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान वाहन सवार लोगोें में आपस में ही जमकर नोकझोंक भी हुई। वहीं, रविदास गेट चौराहा पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी जाम की समस्या से बेपरवाह वाहनों का चालान काटने में व्यस्त दिखे।