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‘ऋषियों, मुनियों और ज्ञानियों की है भारत भूमि’
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वाराणसी। प्रो. बीएन जुयाल एजूकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को पराड़कर भवन मैदागिन में पांचवें प्रो. बीएन जुयाल मेमोरियल लेक्चर हुआ। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सामाजिक समरसता विषय पर सामाजिक विज्ञान काशी विद्यापीठ के डीन प्रो. रवि प्रकाश पांडेय ने कहा कि भारत भूमि ऋषियों, मुनियों और ज्ञानियों की है, यहां पर सभी धर्म, वर्ग एवं समुदायों के लोग सामाजिक समरसता से ही जीवन यापन करते हैं।
बीएचयू हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रो. वशिष्ठ अनूप ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया की व्यापक उपस्थिति के कारण यदा कदा सामाजिक समरसता में कुछ ताकतें जहर घोलने का प्रयास करती हैं। ऐसी ताकतें सदैव ही भारत भूमि में पराजित हुई हैं। साहित्यकार प्रो. जितेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि हालात चाहे पहले के रहे हों या वर्तमान के, सामाजिक समरसता की कमी हमारे देश में कभी भी नहीं रही। हमें अपने देश के अतीत और वर्तमान पर गर्व है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अत्रि भारद्वाज ने जुयाज के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़, डॉ. रूपाली गौड़, डॉ. श्याम बहादुर सिंह, मुन्ना पांडेय, राजीत कुमार, राधाकृष्ण, कृष्णानंद आदि मौजूद रहे।
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बीएचयू हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रो. वशिष्ठ अनूप ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया की व्यापक उपस्थिति के कारण यदा कदा सामाजिक समरसता में कुछ ताकतें जहर घोलने का प्रयास करती हैं। ऐसी ताकतें सदैव ही भारत भूमि में पराजित हुई हैं। साहित्यकार प्रो. जितेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि हालात चाहे पहले के रहे हों या वर्तमान के, सामाजिक समरसता की कमी हमारे देश में कभी भी नहीं रही। हमें अपने देश के अतीत और वर्तमान पर गर्व है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अत्रि भारद्वाज ने जुयाज के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़, डॉ. रूपाली गौड़, डॉ. श्याम बहादुर सिंह, मुन्ना पांडेय, राजीत कुमार, राधाकृष्ण, कृष्णानंद आदि मौजूद रहे।
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