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शांति व्यवस्था बिगड़ी तो पीएनयू क्लब के पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। पीएनयू क्लब के अध्यक्ष और सचिव के बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पदाधिकारियों को चेतावनी दी है। पुलिस प्रशासन के अनुसार क्लब के चलते यदि कानून एवं शांति व्यवस्था बिगड़ी तो पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में कैंट पुलिस और कैंट एसीएम ने दोनों पक्षों को हिदायत दे दी है। इन सबके बीच अध्यक्ष और सचिव के बीच जुबानी जंग जारी है। आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं।
एसीएम चतुर्थ नीता यादव ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर कहा गया है कि क्लब के भीतर जो भी विवाद है उनका निबटारा जनरल बाडी की बैठक में करें। किसकी सदस्यता रहेगी और किसकी नहीं रहेगी। यह मामला जनरल बाडी की मीटिंग में उठाकर निस्तारित करें। जब तक हाईकोर्ट से किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं किया जाता है तब तक उस पर किसी प्रकार का रोक लगाना संवैधानिक नहीं है। सचिव डॉ. रितेश जायसवाल ने अपने ही पैनल के अध्यक्ष अशोक वर्मा को क्लब से सस्पेंड किया गया है। उनका कहना है कि जब तक हाईकोर्ट का निर्णय नहीं आ जाता है तब तक वे क्लब में प्रवेश न करें। उनके ऊपर गबन का मामला है। अध्यक्ष अशोक वर्मा के अनुसार सचिव का निर्णय गैर कानूनी है। बोर्ड के फैसले के बाद कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ यह तय हो जाएगा।
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एसीएम चतुर्थ नीता यादव ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर कहा गया है कि क्लब के भीतर जो भी विवाद है उनका निबटारा जनरल बाडी की बैठक में करें। किसकी सदस्यता रहेगी और किसकी नहीं रहेगी। यह मामला जनरल बाडी की मीटिंग में उठाकर निस्तारित करें। जब तक हाईकोर्ट से किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं किया जाता है तब तक उस पर किसी प्रकार का रोक लगाना संवैधानिक नहीं है। सचिव डॉ. रितेश जायसवाल ने अपने ही पैनल के अध्यक्ष अशोक वर्मा को क्लब से सस्पेंड किया गया है। उनका कहना है कि जब तक हाईकोर्ट का निर्णय नहीं आ जाता है तब तक वे क्लब में प्रवेश न करें। उनके ऊपर गबन का मामला है। अध्यक्ष अशोक वर्मा के अनुसार सचिव का निर्णय गैर कानूनी है। बोर्ड के फैसले के बाद कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ यह तय हो जाएगा।
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