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तहसीलों में पांच हजार आवेदन लंबित
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते जिले की तीनों तहसीलों में करीब पांच हजार से अधिक आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं। जिससे एक तरफ जहां छात्र-छात्राओं के शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति का आवेदन जमा नहीं हो पा रहा है तो दूसरी ओर नौकरी संग प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म न भरने से युवा चिंतित है।केंद्र और प्रदेश सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं संग छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, प्रतियोगी परीक्षा, नौकरी में निवास, जाति और आय प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में छात्र-छात्राएं लोकवाणी केंद्र और सहज जन केंद्रों संग सीधे तहसीलों में आवेदन करते हैं। लेखपालों की उदासीनता के चलते ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में करीब पांच हजार आवेदन लंबित है। अगर लोक वाणी केंद्र और सहज जन सेवा केंद्र के आंकड़ों को मिलाया जाए तो यह संख्या आठ से 10 हजार तक पहुंच जाएगी। केंद्र संचालकों की ओर से आवेदकों को आजकल कहकर देने की बात कही जा रही है, लेकिन युवा कई-कई दिन चक्कर लगाकर परेशान हो जा रहे हैं। आंकड़ो पर गौर किया जाए तो औराई तहसील में आय के 404, जाति के 424 और निवास के 400 आवेदन लंबित है। इसी तरह भदोही तहसील में एक जून से 28 अगस्त तक करीब 20 हजार 586 आवेदन आए। जिसमें 18 हजार का निस्तारण किया गया और 2487 बचे हैं। ज्ञानपुर तहसील में करीब 1700 आवेदन लंबित हैं। तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि आय के 300, जाति के 700 और निवास 600 आवेदन आए हैं, जिसे जल्द ही निस्तारित कर दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि लेखपालों की हड़ताल से पूर्व में मामले लंबित थे लेकिन उसके बाद स्थिति सही हो गई है। तहसीलों में लंबित मामलों को निस्तारण के लिए कहा जाएगा।
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