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सूर्यदेव के प्रकोप से बेदम हुआ मानसून
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:48 AM IST
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ज्ञानपुर। सूर्य देव के प्रकोप के कारण मानसून भी बेदम साबित हो रहा है। मानसून के आने की निर्धारित मियाद पूरी हो गई लेकिन आसमान से पानी की जगह शोले बरस रहे हैं। भर से प्रचंड धूप और उमस से बेहाल जनजीवन को बारिश से राहत की हसरत पूरी नहीं हो रही। बृहस्पतिवार को दोपहर में कुछ देर के लिए बादलों ने आसमान पर घेरेबंदी की, लेकिन हवाओं का दबाव चंद मिनटों में ही उन्हें उड़ा ले गया।
उत्तर भारत में मानसून आने की तिथि बृहस्पतिवार को निकल गई। अमूमन 21 जून तक मानसून का आगमन हो जाता है लेकिन पानी की जगह आसमान से आग बरस रही है। सुबह से लेकर दोपहर तक चिलचिलाती धूप लोगों की हलक सोखती रही। दोपहर बाद लगभग दो बजे आसमान में कुछ देर के लिए बादलों ने घेरेबंदी की तो एकबारगी लगा कि शायद बारिश हो जाए, लेकिन देखते ही देखते बादलों की इस घेरेबंदी को हवा ने छिन्न-भिन्न कर दिया। लिहाजा आधे घंटे बाद ही आसमान से फिर शोले बरसने लगे। बादलों का इस तरह ललचा कर चले जाने से किसानों का दिल बैठा गया। धान की खेती की तैयारी में लगे किसानों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। तमाम स्थानों पर किसानों ने संडा लगाना शुरू कर दिया है। अब बारिश का इंतजार है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। इससे लोग तीखी तपिश में झुलसते रहे। सड़कों पर लोगों का आना-जाना दूभर हो गया था।
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उत्तर भारत में मानसून आने की तिथि बृहस्पतिवार को निकल गई। अमूमन 21 जून तक मानसून का आगमन हो जाता है लेकिन पानी की जगह आसमान से आग बरस रही है। सुबह से लेकर दोपहर तक चिलचिलाती धूप लोगों की हलक सोखती रही। दोपहर बाद लगभग दो बजे आसमान में कुछ देर के लिए बादलों ने घेरेबंदी की तो एकबारगी लगा कि शायद बारिश हो जाए, लेकिन देखते ही देखते बादलों की इस घेरेबंदी को हवा ने छिन्न-भिन्न कर दिया। लिहाजा आधे घंटे बाद ही आसमान से फिर शोले बरसने लगे। बादलों का इस तरह ललचा कर चले जाने से किसानों का दिल बैठा गया। धान की खेती की तैयारी में लगे किसानों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। तमाम स्थानों पर किसानों ने संडा लगाना शुरू कर दिया है। अब बारिश का इंतजार है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। इससे लोग तीखी तपिश में झुलसते रहे। सड़कों पर लोगों का आना-जाना दूभर हो गया था।
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