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गर्मी संग उमस ने किया बेहाल
Updated Wed, 13 Jun 2018 12:28 AM IST
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ज्ञानपुर। गत दिनों की बारिश के बाद उमस का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को धूप-छांव के बीच जिले के तापमान में सोमवार की तुलना में चार डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान जहां 43 डिग्री पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। इससे भीषण गर्मी और उमसभरी चिपचिपी गर्मी में सामान्य जनजीवन उबल गया। उमस बढ़ने से संक्रामक बीमारियों ने भी पांव पसार लिया है।
रविवार को हल्की बारिश से उस दिन क्षणिक राहत तो जरूर मिल गई, लेकिन उमस और चिपचिपी गर्मी ने रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। भीषण गर्मी के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उसी में बिजली की अंधाधुंध कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी है। इससे घर हो या बाहर, कहीं भी सुकून नहीं मिल रहा है। मंगलवार को गर्मी और उमस से बेहाल लोग पूरे दिन पसीना पोछते रहे। रात में भी चैन नहीं मिला। पंखे और कूलर की हवा बेअसर रही। वहीं उमस और आसमान से बरसती आग लोगों को झुलसाती रही। एक तरफ कड़ी धूप में लोग बाहर निकलने से तौबा करते रहे तो तो दूसरी ओर बिजली की आंख मिचौली से घर के अंदर बेहाल कर दिया।
दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद बढ़ी उमस का असर सेहत पर भी पड़ा है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। डायरिया, डिहाइड्रेेशन उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की अस्पताल में भरमार आ गई है। मंगलवार को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में भर्ती हर दूसरा मरीज डिहाइड्रेशन या डायरिया से पीड़ित रहा। डॉ. अतुुल श्रीवास्तव ने बताया कि हल्की बारिश के बाद वायरल डायरिया, रेस्पाइटरी इंफेक्शन, निमोनिया, टाइसाइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों की आशंका ज्यादा होती है। जिला चिकित्सालय के चिकित्सक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इससे बचने के लिए तरल पेय पदार्थ का सेवन ज्यादा करना चाहिए। वहीं दूूध में हल्दी डालकर पीने से इन बीमारियों का खतरा कम होने के साथ शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
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रविवार को हल्की बारिश से उस दिन क्षणिक राहत तो जरूर मिल गई, लेकिन उमस और चिपचिपी गर्मी ने रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। भीषण गर्मी के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उसी में बिजली की अंधाधुंध कटौती ने मुश्किलें और बढ़ा दी है। इससे घर हो या बाहर, कहीं भी सुकून नहीं मिल रहा है। मंगलवार को गर्मी और उमस से बेहाल लोग पूरे दिन पसीना पोछते रहे। रात में भी चैन नहीं मिला। पंखे और कूलर की हवा बेअसर रही। वहीं उमस और आसमान से बरसती आग लोगों को झुलसाती रही। एक तरफ कड़ी धूप में लोग बाहर निकलने से तौबा करते रहे तो तो दूसरी ओर बिजली की आंख मिचौली से घर के अंदर बेहाल कर दिया।
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दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद बढ़ी उमस का असर सेहत पर भी पड़ा है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। डायरिया, डिहाइड्रेेशन उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की अस्पताल में भरमार आ गई है। मंगलवार को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में भर्ती हर दूसरा मरीज डिहाइड्रेशन या डायरिया से पीड़ित रहा। डॉ. अतुुल श्रीवास्तव ने बताया कि हल्की बारिश के बाद वायरल डायरिया, रेस्पाइटरी इंफेक्शन, निमोनिया, टाइसाइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों की आशंका ज्यादा होती है। जिला चिकित्सालय के चिकित्सक अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इससे बचने के लिए तरल पेय पदार्थ का सेवन ज्यादा करना चाहिए। वहीं दूूध में हल्दी डालकर पीने से इन बीमारियों का खतरा कम होने के साथ शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
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