फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   मुक्ति के घाट पर ही मोक्षदायिनी को ग्रहण

मुक्ति के घाट पर ही मोक्षदायिनी को ग्रहण

Sat, 24 Feb 2018 02:16 AM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
मुक्ति के घाट पर ही मोक्षदायिनी को ग्रहण
वाराणसी। ना मणिकर्णिका समातीर्थ, ना काशी सादृश्यापुरी...शायद इसीलिए हर कोई मरने वाले की मोक्ष की कामना के लिए मणिकर्णिका घाट पर ही दाह संस्कार करने आता है। मुक्ति को देने वाले इस घाट पर स्वयं भगवान शंकर मरने वाले को तारक मंत्र देते हैं। दूसरी ओर मोक्ष देने वाली मां गंगा इस घाट पर स्वयं नरक झेल रही हैं। दाह संस्कार के लिए आने वाले अपने कपड़े और बांस आदि अंतिम संस्कार का सामान गंगा और घाट पर छोड़कर चले जाते हैं। चिताओं के अंतिम अवशेष भी गंगा में प्रवाहित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

अन्य घाटों की तरह गंगा के दोनों किनारे यहां भी सिमट गए हैं। पानी का रंग काला होने और किनारे पर जमा गाद से बदबू उठने के कारण स्थानीय लोगों ने घाट पर स्नान बंद कर दिया है। बटुकों ने घाट किनारे संध्या करना बंद कर दी है। घाट पर रोजाना 100-150 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। एक शव के दाह में तीन क्विंटल तक लकड़ी जलाई जाती है। मतलब, रोजाना 400 से 450 क्विंटल लकडि़यों की राख गंगा में प्रवाहित होती है। घाट के किनारे गाद ही गाद जमा हो गई है। यही नहीं, शव के साथ आने वाले लोग घाट पर ही मलमूत्र त्यागते हैं, जो सीधे गंगा में ही जाता है।
विज्ञापन

तीर्थ पुरोहित कन्हैया पंडित ने बताया कि 30 साल में गंगा की दुर्दशा ही हुई है। हम लोग गंगा किनारे तीन-तीन घंटे बैठकर संध्या करते थे लेकिन अब दस मिनट बैठना भी मुश्किल हो जाता है। शाम होते ही बदबू बढ़ जाती हैै। मणिकर्णिका घाट के पास आश्रम में रहने वाले बटुक शिवम, राजेंद्र और मनीष ने बताया कि उन्होंने घाट पर संध्या करना बंद कर दिया है। घाट पर दुकान लगाने वाले भैया लाल यादव ने बताया कि गंगा की मौजूदा दशा से वह बहुत आहत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed