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सुर,लय, ताल की बही त्रिवेणी
Updated Mon, 25 Dec 2017 02:21 AM IST
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वाराणसी। प्रख्यात सितार वादक पं. अमरनाथ मिश्रा को मरणोपरांत ‘संगीत साधना अलंकरण’ रविवार की शाम पं. शिव नाथ मिश्रा के हाथों उनकी पत्नी गायत्री देवी एवं पुत्र नीरज मिश्रा को दिया गया। संगीत संध्या की शुरुआत नीरज मिश्रा के सितार वादन से हुई। सुर, लय, ताल की त्रिवेणी में संगीत प्रेमी देर रात तक झूमते रहे। बनारस बाज तबला शैली के प्रवर्तक पं. राम सहाय जी को समर्पित इस संगीत संध्या का उद्घाटन विधि न्याय, खेल, सूचना राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने किया।
पिपलानी कटरा स्थित गुरुकुल प्रांगण में मंत्री के अलावा पं. राम सहाय फाउंडेशन की चेयरमैन श्रद्धा मुन्नी देवी सहाय एवं कामेश्वर नाथ मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी काशी के संगीत एवं संस्कृति विरासत को संरक्षित करने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। संगीत-कला के संरक्षण के लिए कई परियोजनाओं पर विचार भी किया जा रहा है। इसके बाद नीरज मिश्रा ने मंच संभाला। तबले पर उनका साथ प्रीतम मिश्रा ने दिया। इनके बाद युवा कलाकार शुभंकर दे ने रागों-बंदिशों पर अलापचारी की। उनके साथ तबले पर पं. किशोर कुमार मिश्रा एवं हारमोनियम पर जमुना वल्लभदास गुजराती ने संगत की। अंतिम प्रस्तुति में प्रख्यात तबला वादक पं. पूरण महाराज ने तीन ताल में गत, फर्द, टुकड़ा, रेला बजाकर संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सारंगी पर लहरा दिया पं. ध्रुव ने। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। संयोजन राहुल, रोहित मिश्रा एवं आशीष मिश्रा का था।
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पिपलानी कटरा स्थित गुरुकुल प्रांगण में मंत्री के अलावा पं. राम सहाय फाउंडेशन की चेयरमैन श्रद्धा मुन्नी देवी सहाय एवं कामेश्वर नाथ मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी काशी के संगीत एवं संस्कृति विरासत को संरक्षित करने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। संगीत-कला के संरक्षण के लिए कई परियोजनाओं पर विचार भी किया जा रहा है। इसके बाद नीरज मिश्रा ने मंच संभाला। तबले पर उनका साथ प्रीतम मिश्रा ने दिया। इनके बाद युवा कलाकार शुभंकर दे ने रागों-बंदिशों पर अलापचारी की। उनके साथ तबले पर पं. किशोर कुमार मिश्रा एवं हारमोनियम पर जमुना वल्लभदास गुजराती ने संगत की। अंतिम प्रस्तुति में प्रख्यात तबला वादक पं. पूरण महाराज ने तीन ताल में गत, फर्द, टुकड़ा, रेला बजाकर संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सारंगी पर लहरा दिया पं. ध्रुव ने। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। संयोजन राहुल, रोहित मिश्रा एवं आशीष मिश्रा का था।
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