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पटरी कब्जा कर बना ली बाउंड्री
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी। सिगरा स्थित आईपी मॉल की बाउंड्री सड़क की पटरी कब्जा कर बनवाई गई है। सरकारी कागजात में दर्ज इस अवैध निर्माण को छह साल पहले तत्कालीन डीएम के निर्देश पर ढहाया गया था। लेकिन डीएम के तबादले के बाद न सिर्फ राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई रुक गई बल्कि मॉल प्रबंधन ने फिर उसी जगह बाउंड्री बनवा ली। मॉल ने अपने सामने और पिछले हिस्से में एक इंच भी जमीन आवागमन के लिए नहीं छोड़ी है। सरकारी जमीन का खुलेआम अतिक्रमण होने के बावजूद प्रशासन और वीडीए ने आंखें मूंद रखी हैं।
शहर के पॉश इलाके सिगरा में साजन तिराहे पर आईपी माल बनाया गया है। मुख्य सड़क और पटरी का अतिक्रमण कर मॉल के सामने बाउंड्री बनवाई गई है। छह साल पूर्व इसकी शिकायत पर जिले की तत्कालीन डीएम वीणा से की गई थी। उन्होंने विकास प्राधिकरण से इसकी जांच कराई थी। जांच में शिकायत सही मिलने पर बाउंड्री का एक हिस्सा तोड़ दिया गया था। इसी के कुछ दिनों बाद ही डीएम का तबादला हो गया और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई रुक गई। इसके बाद फिर किसी अधिकारी ने मॉल प्रबंधन के अतिक्रमण की न तो जांच कराई और न ही कोई कार्रवाई हुई। अग्निशमन प्रबंधों के मामले में भी प्रशासन ने उदासीनता बरती। शुक्रवार को आग की घटना के बाद स्पष्ट हो गया कि मॉल की सुरक्षा संबंधी लगभग सभी उपकरण फेल थे। न तो अलार्म बजा और न ही हाइड्रेंट काम आए। इस मामले में अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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शहर के पॉश इलाके सिगरा में साजन तिराहे पर आईपी माल बनाया गया है। मुख्य सड़क और पटरी का अतिक्रमण कर मॉल के सामने बाउंड्री बनवाई गई है। छह साल पूर्व इसकी शिकायत पर जिले की तत्कालीन डीएम वीणा से की गई थी। उन्होंने विकास प्राधिकरण से इसकी जांच कराई थी। जांच में शिकायत सही मिलने पर बाउंड्री का एक हिस्सा तोड़ दिया गया था। इसी के कुछ दिनों बाद ही डीएम का तबादला हो गया और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई रुक गई। इसके बाद फिर किसी अधिकारी ने मॉल प्रबंधन के अतिक्रमण की न तो जांच कराई और न ही कोई कार्रवाई हुई। अग्निशमन प्रबंधों के मामले में भी प्रशासन ने उदासीनता बरती। शुक्रवार को आग की घटना के बाद स्पष्ट हो गया कि मॉल की सुरक्षा संबंधी लगभग सभी उपकरण फेल थे। न तो अलार्म बजा और न ही हाइड्रेंट काम आए। इस मामले में अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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