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कोरोना का कहर: वाराणसी के डीआरडीओ अस्पताल में चार दिन में 40 की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने बताया- चार की गई जान

Fri, 14 May 2021 06:59 PM IST
उत्पल कांत रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 14 May 2021 06:59 PM IST
सार

वाराणसी में जारी कोरोना के कहर के बीच  बीएचयू में बने पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड अस्पताल (डीआरडीओ) में अब तक चार दिन में 40 मरीजों की मौत हुई है। हैरत की बात ये है कि  स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इन मौतों को दर्ज ही नहीं किया गया. जिले के तमाम अधिकारी भी इस जानकारी से अनजान हैं. 

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40 deaths in just four days in DRDO hospital at Varanasi but Health department reports only four covid death
वाराणसी में डीआरडीओ का कोविड अस्पताल कई सुविधाओं से है लैस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण के लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ सहित कई हैं लेकिन कोरोना का कहर सांस, हृदय रोग के मरीजों पर सबसे अधिक भारी पड़ रहा है। बहुत से गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखने के बाद भी उनमें जल्दी रिकवरी नहीं हो पा रही है। इस बीच बीएचयू एम्फीथिएटर मैदान में चल रहे  पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड अस्पताल (डीआरडीओ) में अब तक चार दिन में 40 मरीजों की मौत हुई है, जिसमें अधिकांश मरीजों की मौत की वजह सांस, हृदय रोग है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर दिन जारी होने वाली मेडिकल बुलेटिन में मौत का आंकड़ा जैसे अन्य अस्पतालों का जारी किया जाता है, वैसे ही इसका भी जारी करना चाहिए लेकिन सोमवार से शुरू इस अस्पताल में मौत की अब तक कोई जानकारी जारी नहीं दी जा रही थी। बृहस्पतिवार यानि चौथे दिन चार मरीजों की मौत की सूचना जारी की गई है।
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 मामले में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर एसएस कन्नौजिया ने कहा कि डीआरडीओ अस्पताल में चार दिन में कितने मरीजों की मौत हुई है। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।  सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने कहा कि डीआरडीओ में कितने मरीजों की मौत हुई है, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। वहां विभाग की ओर से नोडल अधिकारी भी बनाए गए हैं। इस मामले को दिखवाया जाएगा।
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वहीं वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि मरीजों की मौत की नियमित जानकारी देना स्वास्थ्य विभाग का काम है। इसके लिए सीएमओ को निर्देशित किया जाएगा कि वह हर दिन के आंकड़े को जारी करे। 

कोरोना के गंभीर मरीजों का ही इलाज

बीएचयू में डीआरडीओ की मदद से  बनकर तैयार 750 बेड वाले पंडित राजन मिश्रा अस्पताल में फिलहाल 250 बेड पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा सोमवार से शुरू की गई है। इसे लेवल 3 यानी कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए ही बनाया गया है। वाराणसी समेत अन्य जिलों से आईसीयू, वेंटिलेटर वाले मरीज यहां आ रहे हैं।

सोमवार से शुरु भर्ती प्रक्रिया में बृहस्पतिवार की शाम 6.30 बजे तक 165 मरीज भर्ती किए जा चुके थे। अब तक चार दिन में 40 मरीजों की मौत हो चुकी है। इन मरीजों में 15 से 20 मरीज तो वाराणसी जिले के हैं, जबकि बाकी जौनपुर, सोनभद्र, चंदौली सहित वाराणसी के आसपास के जिलों के मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीआरडीओ में हुई मौत की जानकारी का आंकड़ा रोजाना क्यों नहीं जारी किया जा रहा है। इस पर भी तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

हेल्प डेस्क के रजिस्टर में दर्ज हो रहा मौत का रिकॉर्ड

डीआरडीओ के अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद परिजनों की सहूलियत के लिए नियमानुसार डेथ सर्टिफिकेट भी गेट के पास बने हेल्पडेस्क से जारी किया जा रहा है। हेल्प डेस्क पर इसके लिए अलग से रजिस्टर भी है। रजिस्टर में भी मरीज के मौत की तारीख और समय का पूरा ब्यौरा भी भरा जा रहा है।

इसमें भी वाराणसी समेत अन्य जिलों के रहने वाले मरीजों की मौत का पूरा रिकार्ड दर्ज है। इसमें नाम, पता, मौत की तारीख, समय, कारण लिखा है। हेल्प डेस्क की मॉनिटरिंग का काम भी स्वास्थ्य विभाग के पास ही है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की मौत के आंकड़े जारी न करना, कहीं ना कहीं व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

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