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BHU: 360 डिग्री सुरक्षा...प्रोफेसरों, चीफ प्रॉक्टर की ढाई घंटे चली बैठक, बोले अस्पताल-मंदिर का रास्ता अलग हो
Thu, 31 Jul 2025 05:26 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 31 Jul 2025 05:26 AM IST
सार
तेलुगु विभागाध्यक्ष पर हमले को लेकर प्रोफेसरों और चीफ प्रॉक्टर ने बैठक की। इसमें आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की गई। इसके साथ ही बीएचयू कैंपस की पूर्ण सुरक्षा पर भी विमर्श किया गया।
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बीएचयू में प्रोफेसरों और चीफ प्रॉक्टर ने की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Varanasi News: बीएचयू में तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. सीएस रामाचंद्र मूर्ति पर हमले के 48 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इससे नाराज 20 प्रोफेसरों ने बुधवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिव प्रकाश सिंह से मुलाकात की। ढाई घंटे तक चली बैठक में परिसर की 360 डिग्री सुरक्षा के लिए 20 सूत्री समाधान का प्रस्ताव भी सौंपा।
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इसमें विश्वविद्यालय में बाहरियों के प्रवेश को प्रतिबंधित, नए विश्वनाथ मंदिर में मोबाइल का इस्तेमाल बंद, ऑटोमैटिक गेट और छात्राओं की सुरक्षा और सीसीटीवी लगाने की मांग प्रमुख रही। प्रोफेसरों ने कहा कि मंदिर और अस्पताल जाने वालों को वैकल्पिक रास्ता और गेट दिया जाए। प्रोफेसरों के इस समाधान पर चीफ प्रॉक्टर ने गंभीरता दिखाई और कहा कि इनमें कई समाधानों को तत्काल प्रभाव से कैंपस में लागू किया जाएगा।
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चीफ प्रॉक्टर प्रो. सिंह ने कहा कि कई समाधानों पर कुलपति और कुलसचिव से वार्ता कर लागू करने का आग्रह किया जाएगा। इस पर सभी प्रोफेसरों की एक सहमति बनी। वहीं प्रोफेसरों ने कहा कि हर बार की तरह यह केवल ज्ञापन का अंग नहीं रहेगा बल्कि इसे मिनट्स के रूप में लाकर परिसर में लागू किया जाए। इसकी निगरानी हम खुद करेंगे।
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नाराज प्रोफेसरों ने दिए ये समाधान
- हॉस्टल और संकायों में औचक निरीक्षण कर पहचान पत्र अनिवार्य किया जाए। पूरे कैंपस के लोगों को आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाए।
- खेल मैदानों, ओपन जिम में सिर्फ यहीं के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों को अनुमति मिले। यहां पर कुछ समय के लिए सुरक्षाकर्मी सुनिश्चित हो।
- हॉस्टल, विभाग और आवासों को प्रतिबंधित जोन घोषित किया जाए। परिसर में बाहरियों की आवाजाही बंद हो।
- अस्पताल में आने वालों की चेकिंग की जाए। मरीजों और अस्पताल की पार्किंग में आने वालों को सिर्फ मुख्य द्वार से ही भेजा जाए। बाकी छोटे द्वारों से प्रवेश न मिले।
- विश्वनाथ मंदिर आने जाने का मार्ग का चयन और उसकी सुनिश्चित निर्धारित की गई।
- मंदिर में मोबाइल का इस्तेमाल बंद हो।
- सभी इंट्री प्वाइंट्स पर ऑटोमैटिक गेट की सुविधा हो।
- परिसर के हर चौराहे पर उन सुरक्षाधिकारियों का फोन नंबर बैनर आदि पर लिखकर टांग दिया जाए।
- उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी इंस्टॉल कराए जाए।
- बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल में चेकिंग की मजबूत चेकिंग मैकेनिज्म हो।