{"_id":"6994d4b18985a3fdfa0d10fc","slug":"350-scientists-from-15-countries-will-prepare-a-report-on-35-billion-year-old-organisms-and-environment-at-bhu-varanasi-news-c-20-vns1022-1293983-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: 15 देशों के 350 वैज्ञानिक बीएचयू में 3.5 अरब वर्ष पुराने जीवों और पर्यावरण पर तैयार करेंगे रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: 15 देशों के 350 वैज्ञानिक बीएचयू में 3.5 अरब वर्ष पुराने जीवों और पर्यावरण पर तैयार करेंगे रिपोर्ट
विज्ञापन
बीएचयू में कल से 15 देशों से आए 350 से ज्यादा वैज्ञानिक 3.5 अरब साल पहले आए साइनो बैक्टीरिया की प्रजातियों और इको फ्रेंडली जीवन पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। बीएचयू तीन दिनों तक अंतरराष्ट्रीय शैवाल और सायनोबैक्टीरिया जीवविज्ञान सम्मेलन की मेजबानी करेगा। वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा 19 से 21 फरवरी तक यह आयोजन संस्थान के महामना सभागार में होगा। तीन दिन में 16 बड़े और 25 आमंत्रित व्याख्यान होंगे। 40 शोध पत्र और 200 पोस्टर प्रस्तुतियां होंगी। 11 तकनीकी सत्र भी होंगे।
इसमें अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, चेक गणराज्य, ग्रीस, मेक्सिको, चिली, रूस, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, मोल्दोवा और नेपाल सहित कई अन्य देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शैवाल वैज्ञानिक शामिल होंगे। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का भी प्रतिनिधित्व होगा। सम्मेलन की जिम्मेदारी प्रो. एके मिश्रा सहित वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर्स पर होगी।
बीएचयू में शैवाल विज्ञान का इतिहास 100 साल पुराना
बीएचयू का वनस्पति विज्ञान विभाग शैवाल विज्ञान के क्षेत्र में लगभग 100 वर्षों की गौरवशाली परंपरा वाला एक विश्व-प्रसिद्ध उत्कृष्टता केंद्र है। यह विभाग शैवाल विज्ञान की चौथी और पांचवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। सम्मेलन में जैव विविधता, वर्गिकी, जैव प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन जैसे मुद्दों पर दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, चेक गणराज्य, ग्रीस, मेक्सिको, चिली, रूस, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, मोल्दोवा और नेपाल सहित कई अन्य देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शैवाल वैज्ञानिक शामिल होंगे। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का भी प्रतिनिधित्व होगा। सम्मेलन की जिम्मेदारी प्रो. एके मिश्रा सहित वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर्स पर होगी।
विज्ञापन
बीएचयू में शैवाल विज्ञान का इतिहास 100 साल पुराना
बीएचयू का वनस्पति विज्ञान विभाग शैवाल विज्ञान के क्षेत्र में लगभग 100 वर्षों की गौरवशाली परंपरा वाला एक विश्व-प्रसिद्ध उत्कृष्टता केंद्र है। यह विभाग शैवाल विज्ञान की चौथी और पांचवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। सम्मेलन में जैव विविधता, वर्गिकी, जैव प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन जैसे मुद्दों पर दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन