वाराणसी : जिला जेल से पैरोल पर छोड़े जाएंगे 350 बंदी, सरकार के निर्देश पर कारागार प्रशासन तैयार कर रहा है सूची
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कोरोना वायरस का संक्रमण थम नहीं रहा है। संक्रमण की भयावहता को देखते हुए निर्धारित क्षमता से तीन गुना ज्यादा बंदियों से ठसाठस भरी वाराणसी जेल में सात साल से कम सजा वाले बंदियों को एक बार फिर पैरोल पर छोडऩे की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में कार्ययोजना बनाई जा रही है और जल्द ही उसे मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
प्रदेश की जेलों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी ने सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों की रिहाई की योजना बनाई है। न्यायिक अधिकारियों को जेलों में जाकर योजना के तहत बंदियों को 60 दिन की पैरोल अथवा अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया गया है। महानिदेशक कारागार से उन बंदियों का विवरण मांगा गया है जो सजा पूरी करने के बाद अर्थदंड जमा न करने के कारण जेल में हैं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिये जुर्माने का भुगतान कर उन्हें रिहा किया जा सकेगा।
747 बंदियों की क्षमता वाली जिला जेल में मौजूदा समय में 2276 बंदी हैं। हाल ही में 50 से ज्यादा बंदी कोरोना संक्रमित हुए थे, जिनमें से तीन को छोड़कर अन्य सभी स्वस्थ हो गए हैं। जिला जेल के जेलर पवन कुमार त्रिवेदी ने बताया कि सूची तैयार की जा रही है। तकरीबन 350 बंदी पैरोल पर छोड़े जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी और न्यायिक अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
पिछले साल के पांच बंदी अब तक नहीं लौटे वापस
कोरोना काल में बीते साल 69 बंदी पैरोल पर छोड़े गए थे, इनमें से पांच बंदी अब तक वापस नहीं आए हैं। इस संबंध में जिला जेल के जेलर ने बताया कि पांचों बंदियों से संबंधित थानों की पुलिस को उनके संबंध में विवरण देकर कार्रवाई के लिए कहा गया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पांचों बंदियों के मिलते ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें फिर जेल में दाखिल किया जाएगा।