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काशी में उद्योग की छलांग: बनारस में पांच साल में खुलीं 32 हजार नई फैक्टरी, 500 करोड़ का हुआ निवेश
Sat, 15 Nov 2025 06:08 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 15 Nov 2025 06:08 PM IST
सार
बनारस में पांच साल में 32 हजार नई फैक्टरी खुलीं। उद्योगों की तेजी से बढ़ती संख्या के साथ शहर में निवेश भी लगातार बढ़ा है। इससे काफी युवाओं को रोजगार मिला।
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बनारस में पांच साल में खुलीं 32 हजार नई फैक्टरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले पांच साल में बनारस ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से छलांग लगाई है। उद्योग विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 5 साल में जिले में 32 हजार नई फैक्ट्रियां लगाई गई हैं। 2020 से उद्योगों की संख्या बढ़कर 1.52 लाख के पार पहुंच गई है। वर्तमान में एमएसएमई में जिले के 152583 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग पंजीकृत हैं। इन उद्योगों से 500 करोड़ का निवेश हुआ है। जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
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उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिले में व्यापारिक माहौल और औद्योगिक निवेश दोनों ही मजबूत हो रहे हैं। कोविड-19 जैसे वैश्विक संकट के समय अधिकांश शहरों में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं, बनारस ने इसके बाद खुद को तेजी से संभाला और उद्यमिता के नए आयाम स्थापित किए।
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अधिकारी बताते हैं कि बनारस अब छोटे, मझोले और बड़े उद्यमों के लिए एक स्थिर और अनुकूल गंतव्य बन चुका है। सबसे अधिक वृद्धि छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) में देखी गई है, जिनमें खाद्य प्रसंस्करण, बनारसी वस्त्र उद्योग, मशीनरी, फर्नीचर, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के क्षेत्र आगे हैं।
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बनारस में तेजी से बढ़ा निवेश और युवाओं को मिला रोजगार
उद्योगों की तेजी से बढ़ती संख्या के साथ शहर में निवेश भी लगातार बढ़ा है। कुछ वर्षों में कंपनियों की ओर से निवेश में तेजी से वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। इस निवेश से युवाओं के लिए रोजगार भी बढ़े हैं। पहले युवाओं को रोजगार के लिए अन्य जिलों में जाना पड़ता था, वहीं अब उन्हें अपने जिले में ही मिल रहा है। पूर्वांचल के तीन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों रामनगर, करखियांव, चांदपुर और क्लस्टरों में नए प्लांट लगने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।