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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के फेर में फंसा पंजीकरण
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वाराणसी। वाहनों के डेटाबेस को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से जोड़ने की कवायद से वाहनों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। नई नंबर प्लेट तैयार करने में लेटलतीफी के चलते उसे वेबसाइट पर समय से अपलोड नहीं किया जा रहा है, जिससे वाहनों का पंजीकरण ठप हो गया है।
नियमों के मुताबिक, एक अप्रैल से सभी प्रकार के वाहनों पर टेंपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट यानी एचएसएनपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नंबर प्लेट में इनबिल्ट सिक्योरिटी फीचर हैं और पूरे देश में एक जैसी नंबर प्लेट लगनी है। वाहनों कंपनियों के डीलर्स को नंबर तैयार करने वाली एजेंसियां एलाट हैं। वाहन की खरीद पर उसकी फाइल पहले परिवहन कार्यालय जाती है और नंबर एलाट होने के बाद वह वापस डीलर को भेजी जाती है। डीलर इसे वेबसाइट पर अपडेट करता है, मगर नंबर प्लेट बनने में एक सप्ताह से 10 दिन लग रहे हैं। ऐसे में वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया अटक रही है और बैकलॉग होने की वजह से पंजीकरण रुक गया है। एआरटीओ अमित राजन राय ने बताया कि डीलर के वेबसाइट पर जानकारी अपडेट करने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होगी और उसका प्रिंट निकाला जा सकता है। नंबर बनने की देरी के चलते पंजीकरण प्रक्रिया में समस्या है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर कई सिक्योरिटी फीचर होंगे। एल्यूमिनियम से बनी नंबर प्लेट पर रिफ्लेक्टिव टेप लगी होगी और यह टेंपर प्रूफ होगी। लेजर मार्क और होलोग्राम जैसे सुरक्षा उपाय होने से इसकी डुप्लीकेट कॉपी नहीं बनाई जा सकती है। इसमें अशोक चक्र के साथ होलोग्राम लगा होगा।
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नियमों के मुताबिक, एक अप्रैल से सभी प्रकार के वाहनों पर टेंपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट यानी एचएसएनपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नंबर प्लेट में इनबिल्ट सिक्योरिटी फीचर हैं और पूरे देश में एक जैसी नंबर प्लेट लगनी है। वाहनों कंपनियों के डीलर्स को नंबर तैयार करने वाली एजेंसियां एलाट हैं। वाहन की खरीद पर उसकी फाइल पहले परिवहन कार्यालय जाती है और नंबर एलाट होने के बाद वह वापस डीलर को भेजी जाती है। डीलर इसे वेबसाइट पर अपडेट करता है, मगर नंबर प्लेट बनने में एक सप्ताह से 10 दिन लग रहे हैं। ऐसे में वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया अटक रही है और बैकलॉग होने की वजह से पंजीकरण रुक गया है। एआरटीओ अमित राजन राय ने बताया कि डीलर के वेबसाइट पर जानकारी अपडेट करने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होगी और उसका प्रिंट निकाला जा सकता है। नंबर बनने की देरी के चलते पंजीकरण प्रक्रिया में समस्या है।
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर कई सिक्योरिटी फीचर होंगे। एल्यूमिनियम से बनी नंबर प्लेट पर रिफ्लेक्टिव टेप लगी होगी और यह टेंपर प्रूफ होगी। लेजर मार्क और होलोग्राम जैसे सुरक्षा उपाय होने से इसकी डुप्लीकेट कॉपी नहीं बनाई जा सकती है। इसमें अशोक चक्र के साथ होलोग्राम लगा होगा।
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