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नये भारत में बेईमानी के लिए जगह नहीं
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संत रविदास के आशीर्वाद से हम नया भारत बनाने निकले हैं और इसमें भ्रष्टाचार और बेईमानी के लिए कोई जगह नहीं है। ईमानदारी से जो आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए हमारी सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा- गुुरु रविदास ने कहा था कि श्रम कऊ इसर जानी केई, जऊ पूजे ही दिन-रैन...। सच्चा श्रम ही ईश्वर का रूप होता है। ईमानदारी से जो काम किया जाता है, उसकी कमाई से ही जीवन में सुख और शांति मिलती है। गुरु जी की इस भावना को बीते साढ़े चार वर्ष में हमारे राजनीतिक और सामाजिक संस्कारों में ढालने का प्रयास हमारी सरकार ने किया है। हमने ईमानदार जनता को पांच लाख तक आयकर में छूट दी है तो पैसा लूटने वाले और बेनामी संपत्ति रखने वालों पर शिकंजा भी कसा है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें गुरुओं, संतों, ऋषियों, मुनियों और मनीषियों का मार्ग दर्शन मिला है।
इससे पहले संत निरंजन दास, प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर विस्तारीकरण योजना का शिलान्यास किया। इस दौरान जनसमुदाय ने ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ और ‘जय रैदास’ के नारे लगाए। मंदिर प्रबंधन की ओर से प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। मंच पर डेरा सच्चा सौदा के गद्दीनशीं संत निरंजन दास, संत सुरेंद्र दास, केएल सरोबा, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय आदि भी मौजूद रहे।
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पीएम मोदी ने कहा कि जब तक जाति के नाम पर भेदभाव होगा तब तक सामाजिक समरसता नहीं हो पाएगी। यदि गुरु रैदास के दिखाए रास्ते पर लोग चलते तो भारत जातियों के नाम पर होने वाले अत्याचारों से मुक्त हो गया होता। हमें उन लोगों को पहचानना होगा जो स्वार्थ के लिए जात-पात को उभारते हैं। गुरु रविदास कहते थे कि कोई जात न कोई वर्ग और न ही कोई संप्रदाय। इन सबसे ऊपर उठकर कार्य होने चाहिए। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार इसी भावना के अनुसार काम कर रही है।
संत रविदास की धरती पर विकास कार्यों का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर लाखों श्रद्धालुओं को सारी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल जाएंगी। इस पवित्र स्थली में करोड़ों लोगों की आस्था है और काशी का संसद होने के नाते मेरा सौभाग्य है कि यहां के लिए सेवा करने का सौभाग्य मिला। कहा कि कई सरकारें आईं और गईं, सभी ने संत रविदास की जन्मस्थली के लिए केवल आश्वासन दिए। मुझे खुशी है कि गुरु रविदास की कृपा से मुझे अपना वर्ष 2016 में किया हुआ वादा निभाने का सौभाग्य मिला। हमारी सरकार के प्रयास से संत रविदास की जन्मस्थली अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर चमकेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी काशी भौतिक विकास के नए आयाम लिख रही है। पूरे देश में बिना भेदभाव के विकास कार्य हो रहे हैं। हर नागरिक को विकास योजनाओं का लाभ मिल रहा है। छह सौ वर्ष पूर्व संत रविदास जी ने जो समाज का मार्गदर्शन किया था, हमारी सरकार उसी को आगे बढ़ा रही है। दो साल पहले जब प्रधानमंत्री संत रविदास की जन्मस्थली पर आए थे तभी से वह यहां के विकास के लिए प्रेेरित कर रहे थे। संत रविदास की जन्मस्थली पर उन्हीं की भावना के अनुरूप विकास कार्य होंगे।
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प्रधानमंत्री ने कहा- गुुरु रविदास ने कहा था कि श्रम कऊ इसर जानी केई, जऊ पूजे ही दिन-रैन...। सच्चा श्रम ही ईश्वर का रूप होता है। ईमानदारी से जो काम किया जाता है, उसकी कमाई से ही जीवन में सुख और शांति मिलती है। गुरु जी की इस भावना को बीते साढ़े चार वर्ष में हमारे राजनीतिक और सामाजिक संस्कारों में ढालने का प्रयास हमारी सरकार ने किया है। हमने ईमानदार जनता को पांच लाख तक आयकर में छूट दी है तो पैसा लूटने वाले और बेनामी संपत्ति रखने वालों पर शिकंजा भी कसा है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें गुरुओं, संतों, ऋषियों, मुनियों और मनीषियों का मार्ग दर्शन मिला है।
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इससे पहले संत निरंजन दास, प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर विस्तारीकरण योजना का शिलान्यास किया। इस दौरान जनसमुदाय ने ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ और ‘जय रैदास’ के नारे लगाए। मंदिर प्रबंधन की ओर से प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। मंच पर डेरा सच्चा सौदा के गद्दीनशीं संत निरंजन दास, संत सुरेंद्र दास, केएल सरोबा, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय आदि भी मौजूद रहे।
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पीएम मोदी ने कहा कि जब तक जाति के नाम पर भेदभाव होगा तब तक सामाजिक समरसता नहीं हो पाएगी। यदि गुरु रैदास के दिखाए रास्ते पर लोग चलते तो भारत जातियों के नाम पर होने वाले अत्याचारों से मुक्त हो गया होता। हमें उन लोगों को पहचानना होगा जो स्वार्थ के लिए जात-पात को उभारते हैं। गुरु रविदास कहते थे कि कोई जात न कोई वर्ग और न ही कोई संप्रदाय। इन सबसे ऊपर उठकर कार्य होने चाहिए। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार इसी भावना के अनुसार काम कर रही है।
संत रविदास की धरती पर विकास कार्यों का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर लाखों श्रद्धालुओं को सारी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल जाएंगी। इस पवित्र स्थली में करोड़ों लोगों की आस्था है और काशी का संसद होने के नाते मेरा सौभाग्य है कि यहां के लिए सेवा करने का सौभाग्य मिला। कहा कि कई सरकारें आईं और गईं, सभी ने संत रविदास की जन्मस्थली के लिए केवल आश्वासन दिए। मुझे खुशी है कि गुरु रविदास की कृपा से मुझे अपना वर्ष 2016 में किया हुआ वादा निभाने का सौभाग्य मिला। हमारी सरकार के प्रयास से संत रविदास की जन्मस्थली अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर चमकेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी काशी भौतिक विकास के नए आयाम लिख रही है। पूरे देश में बिना भेदभाव के विकास कार्य हो रहे हैं। हर नागरिक को विकास योजनाओं का लाभ मिल रहा है। छह सौ वर्ष पूर्व संत रविदास जी ने जो समाज का मार्गदर्शन किया था, हमारी सरकार उसी को आगे बढ़ा रही है। दो साल पहले जब प्रधानमंत्री संत रविदास की जन्मस्थली पर आए थे तभी से वह यहां के विकास के लिए प्रेेरित कर रहे थे। संत रविदास की जन्मस्थली पर उन्हीं की भावना के अनुरूप विकास कार्य होंगे।