{"_id":"5acd139b4f1c1b5b3e8b470e","slug":"31523389339-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सितार और तबले की युगलबंदी से बांधा समा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सितार और तबले की युगलबंदी से बांधा समा
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही। सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर एमंग्स्ट यूथ (स्पिक मैके) संस्था के कलाकारों ने मंगलवार को वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में सितार और तबले की जुगलबंदी से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मुग्ध कर दिया।
कोलकाता के सितार वादक कुशल दास ने कहा कि यह विधा भारतवर्ष की अमूल्य धरोहर है। अपने पिता और चाचा से प्रारंभिक संगीत शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह देश भर में भारतीय लोक कलाओं को जीवित रखने के लिए मुहिम चला रहे हैं। इस बीच उन्होंने द डोवर लेन म्यूजिक कांफ्रेंस कोलकाता, आईटीसीएसआरए संगीत सम्मेलन कोलकाता, स्वामी हरिदास कार्यक्रम दिल्ली, बंगाल क्लासिकल म्युजिक ढाका, फील हार्मोनिक आर्केस्ट्रा पेरिस जैसे कार्यक्रम पेश किए।
वहीं, तबला वादक विनोद लेले ने बनारस घराने के पं. श्री काशीनाथ से दीक्षा ली है। रेडियो और टीवी के लिए प्रस्तुतियां दे चुके लेले ने कहा कि आज का दिन इसलिए यादगार हो गया, क्योंकि छात्रों ने उनकी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। इसके बाद उन्होंने बसंत मुखाड़ी राग, अलाप, जोड़-झाला आदि की प्रस्तुति से तालियां बटोरीं। अतिथियों का स्वागत प्रिंसिपल शालिनी मेहरा ने किया। संचालन हिंदी अध्यापक वीके पांडेय और निदेशक पुनीत मेहरा ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोलकाता के सितार वादक कुशल दास ने कहा कि यह विधा भारतवर्ष की अमूल्य धरोहर है। अपने पिता और चाचा से प्रारंभिक संगीत शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह देश भर में भारतीय लोक कलाओं को जीवित रखने के लिए मुहिम चला रहे हैं। इस बीच उन्होंने द डोवर लेन म्यूजिक कांफ्रेंस कोलकाता, आईटीसीएसआरए संगीत सम्मेलन कोलकाता, स्वामी हरिदास कार्यक्रम दिल्ली, बंगाल क्लासिकल म्युजिक ढाका, फील हार्मोनिक आर्केस्ट्रा पेरिस जैसे कार्यक्रम पेश किए।
विज्ञापन
वहीं, तबला वादक विनोद लेले ने बनारस घराने के पं. श्री काशीनाथ से दीक्षा ली है। रेडियो और टीवी के लिए प्रस्तुतियां दे चुके लेले ने कहा कि आज का दिन इसलिए यादगार हो गया, क्योंकि छात्रों ने उनकी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। इसके बाद उन्होंने बसंत मुखाड़ी राग, अलाप, जोड़-झाला आदि की प्रस्तुति से तालियां बटोरीं। अतिथियों का स्वागत प्रिंसिपल शालिनी मेहरा ने किया। संचालन हिंदी अध्यापक वीके पांडेय और निदेशक पुनीत मेहरा ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन