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दहेज हत्या में पति समेत तीन को सात वर्ष की कैद
Updated Wed, 28 Mar 2018 01:27 AM IST
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में मंगलवार को पति समेत तीन दोषियों को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। यही नहीं, तीनों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी अदालत ने लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 जुलाई 1999 को वाराणसी जिले के चौबेपुर थाने के व्यासपुर गांव निवासी कमला चौबे ने ज्ञानपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनकी लड़की सुमन का विवाह शिव कुमार पुत्र गिरधारी दूबे निवासी काशीरामपुर के साथ हुआ डेढ़ साल पूर्व हुआ था। उनका आरोप था विवाह के बाद ससुराल वाले दहेज में स्कूटर, फ्रीज और टीवी की मांग करने लगे और उनकी लड़की को प्रताड़ित करते रहे। यही नहीं, पति शिवकुमार, ससुर गिरधारी, सास जलेबा, ननद शोभा और निभा, देवर पंकज, जेठ कून्नू उनकी बेटी को जलाकर मारने की धमकी भी देतेे थे। 14 जुलाई 1999 को रात 11 बजे उनके रिश्तेदार कृष्ण मालवीय निवासी गिरधरपुर ने फोन कर बताया कि उसकी लड़की की मौत हो गई। ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कुछ समय बाद ससुर गिरधारी की मौत हो गई। दोनों पक्षों के तर्क एवं बहस सुनने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने पति शिव कुमार, सास जलेबा देवी और जेठ नंद कुमार उर्फ कून्नू को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय एवं निजी अधिवक्ता नंदलाल शुक्ला, कृष्ण कुमार मालवीय और पंकज तिवारी ने की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 जुलाई 1999 को वाराणसी जिले के चौबेपुर थाने के व्यासपुर गांव निवासी कमला चौबे ने ज्ञानपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनकी लड़की सुमन का विवाह शिव कुमार पुत्र गिरधारी दूबे निवासी काशीरामपुर के साथ हुआ डेढ़ साल पूर्व हुआ था। उनका आरोप था विवाह के बाद ससुराल वाले दहेज में स्कूटर, फ्रीज और टीवी की मांग करने लगे और उनकी लड़की को प्रताड़ित करते रहे। यही नहीं, पति शिवकुमार, ससुर गिरधारी, सास जलेबा, ननद शोभा और निभा, देवर पंकज, जेठ कून्नू उनकी बेटी को जलाकर मारने की धमकी भी देतेे थे। 14 जुलाई 1999 को रात 11 बजे उनके रिश्तेदार कृष्ण मालवीय निवासी गिरधरपुर ने फोन कर बताया कि उसकी लड़की की मौत हो गई। ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कुछ समय बाद ससुर गिरधारी की मौत हो गई। दोनों पक्षों के तर्क एवं बहस सुनने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने पति शिव कुमार, सास जलेबा देवी और जेठ नंद कुमार उर्फ कून्नू को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय एवं निजी अधिवक्ता नंदलाल शुक्ला, कृष्ण कुमार मालवीय और पंकज तिवारी ने की।
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