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धमाके के दस साल बीते, नहीं मिला न्याय
Updated Thu, 23 Nov 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। कचहरी परिसर में सीरियल ब्लास्ट की घटना को गुरुवार को दस साल बीत जाएंगे लेकिन अब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है। इसके साथ ही कचहरी परिसर की सुरक्षा की भी अब तक कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इस आतंकी घटना के विरोध में गुरुवार को अधिवक्ता शहादत दिवस मनाएंगे। इसके साथ ही पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहकर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करेंगे और मृतकों की स्मृति में कैंडल जलाएंगे।
23 नवंबर 2007 को कचहरी में हुए धमाके में अधिवक्ता भोला सिंह, ब्रह्मप्रकाश शर्मा और बुधिराज वर्मा समेत सात लोग मारे गए थे जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण मिश्र आज भी अपंगोें का जीवन जी रहे हैं और उनका कोई हालचाल लेने वाला नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि कचहरी परिसर में हुए धमाके का एक भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है और ना ही सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंच सकी है। वहीं, अधिवक्ताओं को दुख इस बात का है कि वो समाज को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ते हैं लेकिन आतंकी घटना में मारे गए अपने ही साथियों की मौत के गुनहगारों को सजा नहीं दिला सके। उधर, अधिवक्ताओं ने न्यायिक अफसरों से अपील की है कि श्रद्धांजलि सभा में वे भी शामिल हों।
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23 नवंबर 2007 को कचहरी में हुए धमाके में अधिवक्ता भोला सिंह, ब्रह्मप्रकाश शर्मा और बुधिराज वर्मा समेत सात लोग मारे गए थे जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण मिश्र आज भी अपंगोें का जीवन जी रहे हैं और उनका कोई हालचाल लेने वाला नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि कचहरी परिसर में हुए धमाके का एक भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है और ना ही सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंच सकी है। वहीं, अधिवक्ताओं को दुख इस बात का है कि वो समाज को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ते हैं लेकिन आतंकी घटना में मारे गए अपने ही साथियों की मौत के गुनहगारों को सजा नहीं दिला सके। उधर, अधिवक्ताओं ने न्यायिक अफसरों से अपील की है कि श्रद्धांजलि सभा में वे भी शामिल हों।
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