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कन्या भ्रूण हत्या रोकना सभी की जिम्मेदारी
Updated Thu, 26 Oct 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईएमए सभागार में आयोजित लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम की मंडल स्तरीय कार्यशाला में कन्या भ्रूण हत्या पर विस्तृत चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ.नीना गुप्ता ने इस पर रोक लगाने का चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों से आह्वान किया। कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक के निर्देश पर हुई कार्यशाला में डॉ. नीना ने लिंग चयन अधिनियम(पीसीपीएनडीटी एक्ट) के पहलुओं पर चर्चा करते हुए घटते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की। साथ ही इसके लिए प्रशासनिक-न्यायिक अधिकारियों और चिकित्सा विभाग में परस्पर सामंजस्य स्थापित कर कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने मुख्य रुप से भ्रूण हत्या के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए लागू मुखबिर योजना को और प्रभावी बनाने की बात भी कही। विशिष्ट अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव ने इस अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर आकस्मिक छापेमारी की प्रगति ठीक न होने पर चिंता जाहिर करते हुए दोषी केंद्रों पर कम मुकदमा दर्ज होने पर सफलता पर संदेह जताया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने विषय स्थापना रखते हुए अधिनियम की जानकारी दी। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. उमाकांत, डॉ. अजय घई, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ गाजीपुर डॉ. जीसी मौर्य, अपर निदेशक डॉ. बीएन सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक और आईएमए सचिव डॉ. मनीषा सिंह ने किया।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक के निर्देश पर हुई कार्यशाला में डॉ. नीना ने लिंग चयन अधिनियम(पीसीपीएनडीटी एक्ट) के पहलुओं पर चर्चा करते हुए घटते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की। साथ ही इसके लिए प्रशासनिक-न्यायिक अधिकारियों और चिकित्सा विभाग में परस्पर सामंजस्य स्थापित कर कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने मुख्य रुप से भ्रूण हत्या के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए लागू मुखबिर योजना को और प्रभावी बनाने की बात भी कही। विशिष्ट अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव ने इस अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर आकस्मिक छापेमारी की प्रगति ठीक न होने पर चिंता जाहिर करते हुए दोषी केंद्रों पर कम मुकदमा दर्ज होने पर सफलता पर संदेह जताया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने विषय स्थापना रखते हुए अधिनियम की जानकारी दी। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. उमाकांत, डॉ. अजय घई, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ गाजीपुर डॉ. जीसी मौर्य, अपर निदेशक डॉ. बीएन सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक और आईएमए सचिव डॉ. मनीषा सिंह ने किया।
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