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न्यायिक जांच में जुड़ सकते हैं कई पुराने मामले

Mon, 17 Jul 2017 02:18 AM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 02:18 AM IST
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न्यायिक जांच में जुड़ सकते हैं कई पुराने मामले
वाराणसी। बनारसी साड़ी कारोबार पर जीएसटी को लेकर कारोबारी और बुनकरों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। सभी संगठनों का कहना था कि जब तक कपड़े से पांच प्रतिशत टैक्स हटा नही लिया जाता आंदोलन चलता रहेगा। कारोबारी सोमवार को पीएम कार्यालय में प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपेंगे और सोमवार तक बंदी की घोषणा के भविष्य को लेकर पराड़कर भवन में बुनकरों के संयुक्त संगठन द्वारा आगे की रणनीति की जानकारी दी जाएगी।
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बनारस के कपड़ा मार्केट में सातवें दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि रविवार को साप्ताहिक बंदी ही रहती है पर कुछ दूकानें खुली रहती हैं लेकिन हड़ताल के चलते उन थोक कपड़े की दुकानों के शटर भी गिरे रहे। बुनकर बिरादराना तंजीम की ओर से घोषित मुर्री बंद के चलते मुहल्लों में पावरलूम व हथकरघों की खटर-पटर बंद रही।
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बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन की लक्सा में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सोमवार को दोपहर दो बजे बड़ी संख्या में कारोबारी पीएम के संसदीय कार्यालय में पत्रक देंगे। इसके बाद भी बात नहीं सुनीं गई तो आंदोलन को और तेज करेंगे। बैठक में विजय कपूर, देवेंद्र मोहन पाठक, हरिमोहन शाह, राजन रतोरिया, गुरुप्रीत रूपानी, अनिल रस्तोगी, संजय शाहए सचिन रतोरिया, रविशंकर तिवारी, हाजी अब्दुल रहीम, हाजी जियाउद्दीन, गौतम टंडन आदि ने विचार व्यक्त किए। नेपाली खपड़ा में साड़ी कारोबारी महेश नवल गढिय़ा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कपड़े पर से जीएसटी हटने तक आंदोलन करेंगे।
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