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Varanasi News: 46.80 करोड़ से बने 312 अमृत सरोवर सर्दी में ही 50 प्रतिशत तक सूख गए
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। छह साल में जिले के अंदर 312 अमृत सरोवर मनरेगा विभाग की ओर से बनाए गए हैं। इनके निर्माण पर 46.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
कागज में विभाग अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संचयन का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर स्थिति उलट है। 50 प्रतिशत अमृत सरोवरों में केवल तलहटी में नाममात्र का पानी नजर आ रहा है। यह स्थिति तब है, जब गर्मी अभी आई ही नहीं है।
सूखे अमृत सरोवर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सबमर्सिबल के माध्यम से उनके अंदर जल की भराई नहीं की जाती है। निर्माण के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी कर ली गई है। 2020-21 में अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य शुरू किया गया। एक अमृत सरोवर के निर्माण पर आठ से 25 लाख तक की धनराशि खर्च की जाती है। अमृत सरोवर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण योजना धरातल पर फेल होती नजर आ रही है। सरकार की मंशा थी कि अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संचयन की मुहिम को पंख लग सके। मवेशियों के पेयजल की व्यवस्था हो सके। अमृत सरोवर पर सीढ़ी, प्रकाश, शौचालय, सबमर्सिबल पंप, पाथ-वे, सूचना बोर्ड के साथ पौधरोपण की व्यवस्था होनी चाहिए। विभाग के कागज में अमृत सरोवर ऑल इज वेल है, लेकिन जमीन पर सीढ़ी, प्रकाश, शौचालय, सबमर्सिबल पंप से लेकर अन्य सुविधाएं नदारद हैं।
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गाजीपुर। छह साल में जिले के अंदर 312 अमृत सरोवर मनरेगा विभाग की ओर से बनाए गए हैं। इनके निर्माण पर 46.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
कागज में विभाग अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संचयन का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर स्थिति उलट है। 50 प्रतिशत अमृत सरोवरों में केवल तलहटी में नाममात्र का पानी नजर आ रहा है। यह स्थिति तब है, जब गर्मी अभी आई ही नहीं है।
सूखे अमृत सरोवर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सबमर्सिबल के माध्यम से उनके अंदर जल की भराई नहीं की जाती है। निर्माण के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी कर ली गई है। 2020-21 में अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य शुरू किया गया। एक अमृत सरोवर के निर्माण पर आठ से 25 लाख तक की धनराशि खर्च की जाती है। अमृत सरोवर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण योजना धरातल पर फेल होती नजर आ रही है। सरकार की मंशा थी कि अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संचयन की मुहिम को पंख लग सके। मवेशियों के पेयजल की व्यवस्था हो सके। अमृत सरोवर पर सीढ़ी, प्रकाश, शौचालय, सबमर्सिबल पंप, पाथ-वे, सूचना बोर्ड के साथ पौधरोपण की व्यवस्था होनी चाहिए। विभाग के कागज में अमृत सरोवर ऑल इज वेल है, लेकिन जमीन पर सीढ़ी, प्रकाश, शौचालय, सबमर्सिबल पंप से लेकर अन्य सुविधाएं नदारद हैं।
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