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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   250 of license, meat shops are more than a thousand

लाइसेंस 250 का, मीट की दूकानें एक हजार से अधिक

Fri, 24 Mar 2017 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 24 Mar 2017 01:59 AM IST
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नगर निगम और पुलिस की मेहरबानी बूचड़खानों पर ही नहीं, मीट की दूकानों पर भी है। नगर निगम की ओर से सिर्फ 250 मीट की दूकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं जबकि शहर भर में ऐसी तकरीबन एक हजार दूकानें धड़ल्ले से संचालित होती हैं। इनकी धरपकड़ के लिए निगम प्रशासन ने कभी अभियान चलाने या प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी। अब स्लाटर हाउसों पर शासन की सख्ती के बाद निगम प्रशासन का कहना है कि जल्द ही जांच-पड़ताल कर गैर लाइसेंसी दूकानों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जानकारों का दावा है कि प्रशासन की नजर में आ चुके बड़े बूचड़खानों पर सख्ती के बाद कारोबारियों ने अब कई छोटे ठिकाने बना लिए हैं।
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बिना लाइसेंस धड़ल्ले से मीट की दूकानों के संचालन की बड़ी वजह नगर निगम और पुलिस की शह है। शहर की सीमा में एक अनुमान के मुताबिक रोजाना पांच सौ से सात सौ कुंतल मीट की खपत होती है। निगम प्रशासन का हालांकि पहले से दावा था कि शहर में कहीं बूचड़खाना संचालित नहीं हो रहा है लेकिन प्रशासन की कार्रवाई और उसके बाद हुई सख्ती से बड़े बूचड़खानों पर फिलहाल सन्नाटा पसर गया है। बाजार सूत्रों की मानें तो मुर्गा, मछली और बकरों को छोड़कर बाकी मीट की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में बूचड़खानों के छोटे ठिकानों पर लगाम लगा पाना निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही का कहना है कि बूचड़खानों के बाद अब बिना लाइसेंस संचालित मीट की दूकानों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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