यूपी: 24 घंटे बाद बनारस फिर पहुंचा रेड जोन में, एक्यूआई पहुंचा 351, धुएं और धुंध की चादर छाई
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बनारस में सुबह से ही धुएं और धुंध की चादर छाई रही। प्रशासनिक कवायद के बाद भी निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी ने हवा में जहर घोल दिया है। 24 घंटे भी नहीं गुजरे और बनारस की वायु गुणवत्ता फिर से रेड जोन में पहुंच गई।
मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार देर शाम एयर क्वालिटी इंडेक्स 351 पहुंच गया। पीएम 2.5 के कणों की अधिकतम मात्रा 415 और न्यूनतम मात्रा 268 रही। वहीं पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 409 और न्यूनतम मात्रा 157 दर्ज की गई। पीएम कणों की मात्रा बता रही है कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में मानकों की किस तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग की चेतावनी और जुर्माने का कोई असर नहीं दिख रहा है। हवा में ओजोन की अधिकतम मात्रा 263 और नाइट्रोजन की अधिकतम मात्रा 152 रही। मंगलवार की सुबह एक्यूआई 295 और शाम को पांच बजे 306 तक पहुंचा था। रात जैसे-जैसे ढलती गई वायु गुणवता का आंकड़ा भी बढ़ता गया।
फायर बिग्रेड के छिड़काव से नहीं होगा सुधार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि अर्दली बाजार इलाके में फायर बिग्रेड की सहायता से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं पर्यावरण विज्ञानियों का कहना है कि इस छिड़काव से प्रदूषण नियंत्रण नहीं होगा। बीएचयू के वैज्ञानिक प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में जो शहर की हालत है, इसके लिए पानी का छिड़काव ही बेहतर विकल्प है।
इसके लिए पानी को स्प्रिंक्लर की मदद से ऊंचाई पर से अगर छिड़का जाए तो तो सुधार होगा। पानी की बूंदे जितनी छोटी-छोटी हवा में बिखरेंगी प्रदूषक तत्व घुलकर जमीन पर आ जाएंगे। हवा में पीएम कणों की मात्रा नियंत्रित होगी और प्रभाव दिखेगा।