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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नहीं, विरोध तो बस मंदिरों को तोड़े जाने परः स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:31 AM IST
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
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काशी के प्राचीन मंदिरों, देव विग्रहों की रक्षा के लिए श्री विद्यामठ की ओर से शुरू मंदिर बचाओ आंदोलन जारी रहेगा। किसी दबाव में आंदोलन नहीं रुकेगा। अब आम जनता भी इस आंदोलन से जुड़ने लगी है। यह कहना है श्री विद्या मठ के प्रभारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का।
उन्होंने बताया कि हम काशी विश्वनाथ परिसर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण या फिर सरकार की किसी भी योजना के विरोधी नहीं हैं। हमारा विरोध योजना को पूरा करने के लिए मंदिरों को तोड़े जाने पर है। हम काशी के प्राचीन परंपरा से पूजित और पौराणिक मंदिरों को तोडे़ जाने के विरोधी हैं।
मंदिरों को बचाने के उद्देश्य से सर्वदेव कोपहर प्रीतिकर मंदिर बचाओ महायज्ञ का आयोजन श्रीविद्यामठ में करने जा रहे हैं। इसमें सभी सनातनधर्मियों को आने की स्वतंत्रता है। महायज्ञ 28 जून से 4 जुलाई तक होगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र और प्रदेश की सरकारें यह साफ नहीं कर देती कि काशी में कोई मंदिर नहीं तोड़ा जाएगा तब तक मंदिर बचाओ आंदोलनम चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि जनता अभी इसीलिए मौन दिखाई दे रही है क्योंकि उसे इसकी जानकारी ही नहीं है कि काशी में मंदिर तोड़े जा रहे हैं। जानकारी होने पर जनता विरोध करेगी। इस समय गांवों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सभाएं हो रही हैं।
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उन्होंने बताया कि हम काशी विश्वनाथ परिसर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण या फिर सरकार की किसी भी योजना के विरोधी नहीं हैं। हमारा विरोध योजना को पूरा करने के लिए मंदिरों को तोड़े जाने पर है। हम काशी के प्राचीन परंपरा से पूजित और पौराणिक मंदिरों को तोडे़ जाने के विरोधी हैं।
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मंदिरों को बचाने के उद्देश्य से सर्वदेव कोपहर प्रीतिकर मंदिर बचाओ महायज्ञ का आयोजन श्रीविद्यामठ में करने जा रहे हैं। इसमें सभी सनातनधर्मियों को आने की स्वतंत्रता है। महायज्ञ 28 जून से 4 जुलाई तक होगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र और प्रदेश की सरकारें यह साफ नहीं कर देती कि काशी में कोई मंदिर नहीं तोड़ा जाएगा तब तक मंदिर बचाओ आंदोलनम चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि जनता अभी इसीलिए मौन दिखाई दे रही है क्योंकि उसे इसकी जानकारी ही नहीं है कि काशी में मंदिर तोड़े जा रहे हैं। जानकारी होने पर जनता विरोध करेगी। इस समय गांवों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सभाएं हो रही हैं।