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युवती मुक्त कराई गई, तीन महिलाएं और दो पुरुष गिरफ्तार
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वाराणसी। शिवदासपुर रेड लाइट एरिया स्थित एक घर में बुधवार शाम क्राइम ब्रांच और मंडुवाडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर देह व्यापार में जबरन धकेली गई 21 वर्षीय युवती को मुक्त कराया। पुलिस ने घर सील कर तीन महिलाएं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। युवती को मेडिकल मुआयने के लिए भेजा गया है। पुलिस युवती के उस रिश्तेदार की तलाश कर रही है, जिसने उसे बेचा था।
चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र की महिला ने बुधवार को एसएसपी को बताया कि लगभग नौ साल पहले घर के बाहर खेलते समय उसकी 12 वर्षीय बेटी गायब हो गई थी। क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी शिवदासपुर रेड लाइट एरिया में है और उससे देह व्यापार कराया जा रहा है। एसएसपी ने सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और मंडुवाडीह एसओ संजय त्रिपाठी की टीम गठित कर युवती को मुक्त कराने के लिए भेजा। बताए गए घर की घेरेबंदी कर पुलिस ने युवती को मुक्त करा लिया। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
‘ए माई हमार त जिंदगिया बरबाद हो गईल रे...’
वाराणसी। मुक्त कराई गई युवती ने मां को देखा तो दहाड़े मार कर रोने लगीं। युवती बार-बार यही कह रही थी कि ऐ माई हमार त जिंदगिया बरबाद हो गईल रे...। मां भी उसे सीने से चिपकाये रोती रही। यह देख सभी की आंखें भर आईं। पीड़ित की मां ने बताया कि बेटी को बहुत खोजा, लेकिन पता नहीं चला। क्षेत्र के एक व्यक्ति ने जानकारी दी तो भतीजे को रेड लाइट एरिया भेजा। भतीजा ग्राहक बनकर शिवदासपुर आया और उनकी बेटी से मुलाकात की। उसकी फोटो खींच कर उसके पास आया। इसके बाद एसएसपी से शिकायत की।
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मुझे बहुत मारते थे...
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार सामान दिलाने के लिए लेकर निकला और फिर शिवदासपुर में छोड़ गया। यहां उसकी कड़ी निगरानी की जाती थी और घर से बाहर निकलने पर पीटा जाता था। उम्र बढ़ी तो उसे लगा कि अब घर वाले नहीं अपनाएंगे। प्रताड़ना के डर से वह भागने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
शाम होते ही लगता है जमावड़ा
शिवदासपुर रेड लाइट एरिया जाने वाला रास्ता लहरतारा-मंडुवाडीह मुख्य मार्ग से सटा है। आखिरी बार 2005-06 में सामाजिक संस्था गुड़िया और बीएचयू के छात्रों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर देह व्यापार में जबरन धकेली गई युवतियों को मुक्त कराया था। तब से अब तक सब कुछ वैसे ही चल रहा है। शाम होते ही यहां रिक्शा चालक, ठेला संचालक और मजदूर शराब के नशे में धुत होकर भटकते नजर आते हैं, लेकिन पुलिस यहीं की गतिविधियों से अनजान बनी रहती है।
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चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र की महिला ने बुधवार को एसएसपी को बताया कि लगभग नौ साल पहले घर के बाहर खेलते समय उसकी 12 वर्षीय बेटी गायब हो गई थी। क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी शिवदासपुर रेड लाइट एरिया में है और उससे देह व्यापार कराया जा रहा है। एसएसपी ने सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और मंडुवाडीह एसओ संजय त्रिपाठी की टीम गठित कर युवती को मुक्त कराने के लिए भेजा। बताए गए घर की घेरेबंदी कर पुलिस ने युवती को मुक्त करा लिया। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
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‘ए माई हमार त जिंदगिया बरबाद हो गईल रे...’
वाराणसी। मुक्त कराई गई युवती ने मां को देखा तो दहाड़े मार कर रोने लगीं। युवती बार-बार यही कह रही थी कि ऐ माई हमार त जिंदगिया बरबाद हो गईल रे...। मां भी उसे सीने से चिपकाये रोती रही। यह देख सभी की आंखें भर आईं। पीड़ित की मां ने बताया कि बेटी को बहुत खोजा, लेकिन पता नहीं चला। क्षेत्र के एक व्यक्ति ने जानकारी दी तो भतीजे को रेड लाइट एरिया भेजा। भतीजा ग्राहक बनकर शिवदासपुर आया और उनकी बेटी से मुलाकात की। उसकी फोटो खींच कर उसके पास आया। इसके बाद एसएसपी से शिकायत की।
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मुझे बहुत मारते थे...
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार सामान दिलाने के लिए लेकर निकला और फिर शिवदासपुर में छोड़ गया। यहां उसकी कड़ी निगरानी की जाती थी और घर से बाहर निकलने पर पीटा जाता था। उम्र बढ़ी तो उसे लगा कि अब घर वाले नहीं अपनाएंगे। प्रताड़ना के डर से वह भागने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
शाम होते ही लगता है जमावड़ा
शिवदासपुर रेड लाइट एरिया जाने वाला रास्ता लहरतारा-मंडुवाडीह मुख्य मार्ग से सटा है। आखिरी बार 2005-06 में सामाजिक संस्था गुड़िया और बीएचयू के छात्रों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर देह व्यापार में जबरन धकेली गई युवतियों को मुक्त कराया था। तब से अब तक सब कुछ वैसे ही चल रहा है। शाम होते ही यहां रिक्शा चालक, ठेला संचालक और मजदूर शराब के नशे में धुत होकर भटकते नजर आते हैं, लेकिन पुलिस यहीं की गतिविधियों से अनजान बनी रहती है।