फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   उमराव जान की कब्र को मिल गई पहचान

उमराव जान की कब्र को मिल गई पहचान

Tue, 26 Dec 2017 02:21 AM IST
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:21 AM IST
विज्ञापन
उमराव जान की कब्र को मिल गई पहचान
वाराणसी। गुमनामी में डूबी उमराव जान की कब्र को उनकी बरसी से ठीक एक दिन पहले पहचान मिल गई। सिगरा के फातमान कब्रिस्तान में 80 साल बाद सोमवार को उनकी कब्र पर चुनार के बेशकीमती लाल पत्थरों से मकबरा बनकर तैयार हो गया। संयोग है कि कब्रिस्तान में एक तरफ जहां शहनाई के सम्राट भारतरत्न बिस्मिल्लाह खां आराम फरमां हैं तो वहीं दूसरी तरफ अपनी अदाओं और आवाज की खनक से लोगों के दिलों पर राज करने वाली उमराव जान अदा। दोनों के मकबरे भी एक ही शिल्पकार ने गढ़े हैं।
विज्ञापन

शिल्पी अरुण सिंह ने बताया कि फातमान कब्रिस्तान में छह गुणा10 फीट में बने मकबरे में अष्टकोणीय चार खंभे पर पत्थर से बनी छतरी बहुत खूबसूरत है। इस्लामिक रिवाज के अनुसार उमराव जान की कब्र ऊपर से खुली रखी गई है। उमराव जान की कब्र होने के पुरातात्विक महत्व के पत्थर को मकबरे के पश्चिम तरफ स्थापित किया गया है तो दक्षिण तरफ उमराव बेगम लखनवी का नया पत्थर लगा है।
विज्ञापन

मकबरा बनाने में करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया। इसे बनाने में करीब छह महीने लग गए। इससे पहले वह स्थापत्य कला की जुगलबंदी दिखाने वाला उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का मकबरा और बनारसी संस्कृति को अपने में समेटे नंदी स्तंभ बना चुके हैं। वह अपने खर्चे से मकबरा बनाने में जुटे तो 26 दिसंबर को पहली बरसी से पहले तैयार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed