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चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो, पुलिस आपके साथ
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:05 AM IST
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वाराणसी। छेड़खानी, अभद्रता करने वालों से डरें नहीं। शांत न बैठें, उनके खिलाफ आवाज उठाएं। पुलिस आपके साथ है। कोई आपकी अस्मिता पर नजर नहीं उठा सकता, ये आत्मविश्वास आपके अंदर होना चाहिए। भगवान ने आपको वो दैवीय शक्ति दी है जिससे आप किसी की बुरी को बखूबी भांप सकती हैं, आप आगे आकर खुलकर उसका विरोध करें। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को धीरेंद्र महिला महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में ये बातें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी रामकृष्ण भारद्वाज ने छात्राओं से कहीं।
उन्होंने कहा कि आप ज्यादा संवेदनशील हैं। इसे अपनी कमजोरी नहीं बल्कि शक्ति बनाइए। महिलाओं के प्रति होने वाले पचास फीसदी अपराध सिर्फ इससे ही कम हो जाएंगे। इस दौरान एसएसपी ने छात्राओं को नारी सुरक्षा सप्ताह के बारे बताया। उनके लिए बनने कानून अधिकारी की जानकारी दी। कहा कि अगर आपके साथ या किसी भी महिला व छात्रा के साथ कुछ गलत होता है, तो आप सीधे 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। अपने मां पिता को बताइए, टीचर्स को बताइए। डायल 100 की मदद ले सकती हैं। आपके लिए ही प्रदेश भर में एंटी रोमियो स्क्वायड काम कर रहा है।
एसएसपी ने इस दौरान पुलिस की कार्य प्रणाली से भी उन्हें अवगत कराया। बताया कि बेहद कम संसाधन में पुलिस काम करती हैं। चौबीस घंटे ड्यूटी के चलते दबाव भी बहुत होता है। इतनी मेहनत के बाद भी पुलिस को लोग विलेन समझते हैं क्योंकि वो वास्तविकता से परिचित नहीं होते। कहा हम अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रहे हैं और इसमें हमें आपका सहयोग चाहिए। छात्राओं को आमंत्रित किया कि वो पुलिस थाने का विजिट करें। एक घंटे किसी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की भूमिका में रहें। उन्होंने छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र भी दिया। कहा कि आप जो भी करिए पूरे मनोयोग से करिए।
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महाविद्यालय के चेयरमैन रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सिविल पुलिस संवेदना के साथ हमारी सेवा और सहयोग के लिए है। वो हमारी मित्र है। बस हमें अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। वाइस चेयरमैन अंजू जायसवाल व वाइस प्रिंसिपल डॉ. अर्चना श्रीवास्तव मौजूद रहीं। स्वागत प्राचार्य डॉ. नलिनी मिश्रा ने किया। संचालन डॉ. संतोष सिंह ने किया। इससे पहले छात्राओं को नारी सुरक्षा सप्ताह और ट्रैफिक नियमों से संबंधित वीडियो दिखाकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया गया।
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उन्होंने कहा कि आप ज्यादा संवेदनशील हैं। इसे अपनी कमजोरी नहीं बल्कि शक्ति बनाइए। महिलाओं के प्रति होने वाले पचास फीसदी अपराध सिर्फ इससे ही कम हो जाएंगे। इस दौरान एसएसपी ने छात्राओं को नारी सुरक्षा सप्ताह के बारे बताया। उनके लिए बनने कानून अधिकारी की जानकारी दी। कहा कि अगर आपके साथ या किसी भी महिला व छात्रा के साथ कुछ गलत होता है, तो आप सीधे 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। अपने मां पिता को बताइए, टीचर्स को बताइए। डायल 100 की मदद ले सकती हैं। आपके लिए ही प्रदेश भर में एंटी रोमियो स्क्वायड काम कर रहा है।
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एसएसपी ने इस दौरान पुलिस की कार्य प्रणाली से भी उन्हें अवगत कराया। बताया कि बेहद कम संसाधन में पुलिस काम करती हैं। चौबीस घंटे ड्यूटी के चलते दबाव भी बहुत होता है। इतनी मेहनत के बाद भी पुलिस को लोग विलेन समझते हैं क्योंकि वो वास्तविकता से परिचित नहीं होते। कहा हम अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रहे हैं और इसमें हमें आपका सहयोग चाहिए। छात्राओं को आमंत्रित किया कि वो पुलिस थाने का विजिट करें। एक घंटे किसी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की भूमिका में रहें। उन्होंने छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र भी दिया। कहा कि आप जो भी करिए पूरे मनोयोग से करिए।
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महाविद्यालय के चेयरमैन रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सिविल पुलिस संवेदना के साथ हमारी सेवा और सहयोग के लिए है। वो हमारी मित्र है। बस हमें अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। वाइस चेयरमैन अंजू जायसवाल व वाइस प्रिंसिपल डॉ. अर्चना श्रीवास्तव मौजूद रहीं। स्वागत प्राचार्य डॉ. नलिनी मिश्रा ने किया। संचालन डॉ. संतोष सिंह ने किया। इससे पहले छात्राओं को नारी सुरक्षा सप्ताह और ट्रैफिक नियमों से संबंधित वीडियो दिखाकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया गया।