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विधायक सुशील सिंह की मुश्किलें बढ़ीं
Updated Sun, 16 Jul 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। चौबेपुर के श्रीकंठपुर निवासी बसपा नेता रामबिहारी चौबे हत्याकांड में एमएलसी बृजेश सिंह के भतीजे भाजपा विधायक सुशील सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राम बिहारी चौबे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अजय मरदह सहित तीन के खिलाफ पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें न्यायालय को बताया है कि दर्ज मुकदमे की विवेचना में विधायक सुशील सिंह का नाम बढ़ा दिया गया है। साथ ही मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराएं बढ़ा दी गई हैं।
बृजेश के करीबी राम बिहारी चौबे की हत्या 4 दिसंबर 2015 को उनके घर पर हुई थी। उनके बेटे अमरनाथ चौबे ने चौबेपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। छह अप्रैल 2017 को एसटीएफ से मिली जानकारी के आधार पर चौबेपुर पुलिस ने इस हत्याकांड में एमएलसी बृजेश के करीबी अजय मदर्ह समेत तीन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की सूचना पाकर विधायक सुशील सिंह मौके पर पहुंचे थे और जमकर विरोध जताया था लेकिन पुलिस ने एक न सुनी और तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। मामले की जांच पुलिस की बजाय अन्य एजेंसी से कराने के लिए सुशील सिंह ने प्रदेश के भाजपा सरकार के एक मंत्री और दो विधायकों की ओर से सिफारिशी पत्र भी लिखवाया था।
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बृजेश के करीबी राम बिहारी चौबे की हत्या 4 दिसंबर 2015 को उनके घर पर हुई थी। उनके बेटे अमरनाथ चौबे ने चौबेपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। छह अप्रैल 2017 को एसटीएफ से मिली जानकारी के आधार पर चौबेपुर पुलिस ने इस हत्याकांड में एमएलसी बृजेश के करीबी अजय मदर्ह समेत तीन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की सूचना पाकर विधायक सुशील सिंह मौके पर पहुंचे थे और जमकर विरोध जताया था लेकिन पुलिस ने एक न सुनी और तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। मामले की जांच पुलिस की बजाय अन्य एजेंसी से कराने के लिए सुशील सिंह ने प्रदेश के भाजपा सरकार के एक मंत्री और दो विधायकों की ओर से सिफारिशी पत्र भी लिखवाया था।
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