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32 मिनट में पांच सौ मीटर का सफर
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। खस्ताहाल सड़कों पर गड्ढे, जलभराव और कीचड़ के चलते बुधवार को शहर के अधिकतर हिस्से जाम में जकड़े नजर आए। मिनटों के सफर तय करने में घंटों लग गए। मंडुवाडीह चौराहे पर लगे भीषण जाम में पूरी ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त नजर आई। चार पहिया वाहन सवारों को बमुश्किल पांच सौ मीटर की दूरी तय करने 32 मिनट लग गए। जबकि, रास्ता खाली होने पर इतने समय में औसतन 40 से 60 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है। यहां करीब ढाई सौ से अधिक चारपहिया वाहन आधे घंटे से अधिक जाम में फंसे रहे। एक चारपहिया से आधे घंटे में ईंधन की खपत न्यूनतम एक लीटर भी मानी जाए तो इस दौरान लगभग दो लाख रुपये के ईंधन नष्ट हुए। समय बरबाद हुआ सो अलग।
मंडुवाडीह चौराहे पर जलभराव के चलते यह नौबत आई। मंडुवाडीह आरओबी के निर्माण के चलते सड़क पहले से खस्ताहाल है। ऊपरी से चौराहा पार कर चांदपुर की तरफ बढ़ते ही सड़क पर पानी भरा है। वाहन सवारों के साथ ही पैदल आने-जाने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। चौराहे से चांदपुर तक दिन में अक्सर जाम लगने से आवाजाही दुश्वार हो गई है। बुधवार की शाम भी जाम लगने से पांच सौ मीटर से अधिक दायरे में चार पहिया-दो पहिया वाहनों के साथ स्कूली बसें और एंबुलेंस भी फंसी रही। शहर में अन्य स्थानों पर भी जाम के हालात कुछ ऐसे ही थे। खुदाई, सड़कों के गड्ढे और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने, अंधरापुल चौराहा, कमच्छा, महमूरगंज, सिगरा, पांडेयपुर, अर्दली बाजार सहित कई अन्य इलाकों में जाम लगने से यातायात व्यवस्था बेपटरी हुई। यातायात प्रबंधन के नाम पर कहीं कुछ नजर नहीं आया। कहीं-कहीं इक्का-दुक्का पुलिस कर्मी जाम में आड़े-तिरछे फंसे वाहनों को एक किनारे कर आवागमन सुचारु कराने में जुटे रहे। सावन के महीने में देश के कोने-कोने से कांवरिया काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को आ रहे हैं मगर जाम से निजात के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात प्रबंधन के लिए कोई ठोस कदम न उठाया जाना शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। एसपी ट्रैफिक एससी रावत ने बताया कि खस्ताहाल सड़कोें और जलभराव की समस्या के कारण यातायात संबंधी समस्याएं आ रही हैं। संबंधित विभागों को कहा गया है कि सावन भर ऐसी व्यवस्था करके रखें कि जाम की समस्या से आमजन और श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े।
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मंडुवाडीह चौराहे पर जलभराव के चलते यह नौबत आई। मंडुवाडीह आरओबी के निर्माण के चलते सड़क पहले से खस्ताहाल है। ऊपरी से चौराहा पार कर चांदपुर की तरफ बढ़ते ही सड़क पर पानी भरा है। वाहन सवारों के साथ ही पैदल आने-जाने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। चौराहे से चांदपुर तक दिन में अक्सर जाम लगने से आवाजाही दुश्वार हो गई है। बुधवार की शाम भी जाम लगने से पांच सौ मीटर से अधिक दायरे में चार पहिया-दो पहिया वाहनों के साथ स्कूली बसें और एंबुलेंस भी फंसी रही। शहर में अन्य स्थानों पर भी जाम के हालात कुछ ऐसे ही थे। खुदाई, सड़कों के गड्ढे और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने, अंधरापुल चौराहा, कमच्छा, महमूरगंज, सिगरा, पांडेयपुर, अर्दली बाजार सहित कई अन्य इलाकों में जाम लगने से यातायात व्यवस्था बेपटरी हुई। यातायात प्रबंधन के नाम पर कहीं कुछ नजर नहीं आया। कहीं-कहीं इक्का-दुक्का पुलिस कर्मी जाम में आड़े-तिरछे फंसे वाहनों को एक किनारे कर आवागमन सुचारु कराने में जुटे रहे। सावन के महीने में देश के कोने-कोने से कांवरिया काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को आ रहे हैं मगर जाम से निजात के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात प्रबंधन के लिए कोई ठोस कदम न उठाया जाना शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। एसपी ट्रैफिक एससी रावत ने बताया कि खस्ताहाल सड़कोें और जलभराव की समस्या के कारण यातायात संबंधी समस्याएं आ रही हैं। संबंधित विभागों को कहा गया है कि सावन भर ऐसी व्यवस्था करके रखें कि जाम की समस्या से आमजन और श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े।
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