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संस्कृत से ही बढ़ेंगे देशों के बीच आपसी संबंध: डॉ. कुल प्रसाद
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वाराणसी। संस्कृत से सभी देशों के बीच आपसी संबंध मधुर होंगे। इससे ही देशों में बीच आपसी मित्रता का व्यवहार बढ़ेगा। संस्कृत विश्व के सभी देशों को जोड़ने का का कार्य करेगी। यह बातें संस्कृत विश्वविद्यालय नेपाल के कुलपति डॉ. कुल प्रसाद कोइराला ने सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग की ओर से आयोजित जैव ब्रह्मांड विज्ञान पर आयोजित 19वीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सुख सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन लोगों के जीवन में मानसिक शांति नहीं है, क्योंकि लोग भौतिकवादी विचारधारा में जी रहे हैं।
संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि भारत तो पहले से ही वेद और संस्कृत के आधार पर कार्य करता आ रहा है। भारत में पहले से ही विश्व बंधुत्व की भावना भरी हुई है। कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इस मौके पर बीजिंग नार्मल यूनिवर्सिटी बीजिंग, नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय और लोक भाषा प्रचार समिति के कई विद्वान शामिल रहे। संयोजक तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग के कुलपति प्रो. हरि प्रसाद अधिकारी और नेपाल संस्कृत विश्व विद्यालय के शोध केंद्र के कार्यकारी निदेशक प्रो. काशी प्रसाद न्यौपाने ने किया।
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संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि भारत तो पहले से ही वेद और संस्कृत के आधार पर कार्य करता आ रहा है। भारत में पहले से ही विश्व बंधुत्व की भावना भरी हुई है। कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इस मौके पर बीजिंग नार्मल यूनिवर्सिटी बीजिंग, नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय और लोक भाषा प्रचार समिति के कई विद्वान शामिल रहे। संयोजक तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग के कुलपति प्रो. हरि प्रसाद अधिकारी और नेपाल संस्कृत विश्व विद्यालय के शोध केंद्र के कार्यकारी निदेशक प्रो. काशी प्रसाद न्यौपाने ने किया।
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