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डीजल इंजन से बने विद्युत इंजन का फ्लैग ऑफ
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वाराणसी। डीजल रेल इंजन कारखाना में दो डीजल इंजनों को विद्युत इंजन में बदलने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को उनका लोकार्पण किया गया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव की मौजूदगी में डीरेका के लोको टेस्ट शॉप में एक 6000 अश्व शक्ति के विद्युत रेल इंजन ‘डब्ल्यूएपी-7’ और 3100 अश्व शक्ति क्षमता के डीजल रेल इंजन ‘डब्ल्यूडीजी3ए’ का लोकार्पण हुआ। खास बात यह रही कि दोनों इंजनों का फ्लैग ऑफ फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे छह कर्मचारियों ने किया।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि डीरेका ने विश्व में पहली बार इतनी अधिक अश्व शक्तिके दो पुराने डीजल रेल इंजनों को एक विद्युत रेल इंजन में परिवर्तित कर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने डीरेका कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विश्वास है कि डीरेका बढ़ी हुई मांग को तत्परता से पूरा करेगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और डीरेका कर्मियों का स्वागत करते हुए महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने कहा कि जनवरी 2019 तक डीरेका ने कुल 119 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण किया है। ‘डब्ल्यूएपी-7’ रेल इंजन संख्या- 37083 को पूर्व तट रेलवे के विशाखापत्तनम विद्युत लोको शेड को व ‘डब्ल्यूडीजी3ए’ रेल इंजन को एनटीपीसी, रामागुंडम भेजा जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर लोको ने किया। इसके पूर्व रेलवे बोर्ड अध्यक्ष न्यू ब्लॉक शॉप कार्यशालाओं में गए जहां पर उन्होंने विद्युत रेल इंजन उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रस्तावित संवर्धन कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष ने कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव बीडी दूबे व सदस्यों तथा अन्य कर्मचारी संगठनों व एससीएसटीओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की व ज्ञापन लिया।
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इलाहाबाद सिटी (रामबाग) से हावड़ा जाने वाली विभूति और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस शुक्रवार से इलेक्ट्रिक इंजन से लैस हो गई। दरअसल, रेलवे की ओर से इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी एवं मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन से वाराणसी तक रेल विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस रूट पर चलने वाली शिवगंगा, मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी इलेक्ट्रिक इंजन लग जाएगा।
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रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि डीरेका ने विश्व में पहली बार इतनी अधिक अश्व शक्तिके दो पुराने डीजल रेल इंजनों को एक विद्युत रेल इंजन में परिवर्तित कर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने डीरेका कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विश्वास है कि डीरेका बढ़ी हुई मांग को तत्परता से पूरा करेगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और डीरेका कर्मियों का स्वागत करते हुए महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने कहा कि जनवरी 2019 तक डीरेका ने कुल 119 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण किया है। ‘डब्ल्यूएपी-7’ रेल इंजन संख्या- 37083 को पूर्व तट रेलवे के विशाखापत्तनम विद्युत लोको शेड को व ‘डब्ल्यूडीजी3ए’ रेल इंजन को एनटीपीसी, रामागुंडम भेजा जा रहा है।
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कार्यक्रम का संचालन उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर लोको ने किया। इसके पूर्व रेलवे बोर्ड अध्यक्ष न्यू ब्लॉक शॉप कार्यशालाओं में गए जहां पर उन्होंने विद्युत रेल इंजन उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रस्तावित संवर्धन कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष ने कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव बीडी दूबे व सदस्यों तथा अन्य कर्मचारी संगठनों व एससीएसटीओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की व ज्ञापन लिया।
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इलाहाबाद सिटी (रामबाग) से हावड़ा जाने वाली विभूति और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस शुक्रवार से इलेक्ट्रिक इंजन से लैस हो गई। दरअसल, रेलवे की ओर से इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी एवं मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन से वाराणसी तक रेल विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस रूट पर चलने वाली शिवगंगा, मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी इलेक्ट्रिक इंजन लग जाएगा।