{"_id":"5bba6ecb867a5514b83162ea","slug":"201538944715-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरपीएफ के जवानों ने खिलाड़ियों को पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरपीएफ के जवानों ने खिलाड़ियों को पीटा
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। सिगरा स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट पर खेलने को लेकर खिलाड़ियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक अधिकारी के बेटे के बीच विवाद के बाद बटालियन के जवानों ने खिलाड़ियों से मारपीट कर दी। शनिवार हुई घटना की जानकारी रविवार को खिलाड़ियों ने प्रभारी क्षेत्रीय खेलकूद अधिकारी को दी। इसके बाद मामला सिगरा थाने पहुंचा। थाने में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
लहुराबीर के रहने वाले विवेक श्रीवास्तव साथी खिलाड़ियों के साथ देर शाम बैडमिंटन कोर्ट पर प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी दौरान सीआरपीएफ अधिकारी का बेटा वहां पहुंचा। वह पूर्व निर्धारित समय से देरी से आया था लेकिन खेलने की जिद करने लगा। इसको लेकर खिलाड़ियों से उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने पिता को फोन कर दिया। थोड़ी देर में कुछ जवान स्टेडियम पहुंच गए और खिलाड़ियों की पिटाई कर दी।
रविवार को खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत उप खेल निदेशक श्याम सुंदर और प्रभारी आरएसओ दिव्या वर्मा से की। प्रभारी आरएसओ ने जिलाधिकारी को फोन पर इसकी सूचना दी। खिलाड़ियों का आरोप यह भी है कि अधिकारी का बेटा बगैर पंजीकरण कराए ही रोजाना बैडमिंटन खेलने आता है। पूरे मामले में स्टेडियम से जुड़े अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लहुराबीर के रहने वाले विवेक श्रीवास्तव साथी खिलाड़ियों के साथ देर शाम बैडमिंटन कोर्ट पर प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी दौरान सीआरपीएफ अधिकारी का बेटा वहां पहुंचा। वह पूर्व निर्धारित समय से देरी से आया था लेकिन खेलने की जिद करने लगा। इसको लेकर खिलाड़ियों से उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने पिता को फोन कर दिया। थोड़ी देर में कुछ जवान स्टेडियम पहुंच गए और खिलाड़ियों की पिटाई कर दी।
विज्ञापन
रविवार को खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत उप खेल निदेशक श्याम सुंदर और प्रभारी आरएसओ दिव्या वर्मा से की। प्रभारी आरएसओ ने जिलाधिकारी को फोन पर इसकी सूचना दी। खिलाड़ियों का आरोप यह भी है कि अधिकारी का बेटा बगैर पंजीकरण कराए ही रोजाना बैडमिंटन खेलने आता है। पूरे मामले में स्टेडियम से जुड़े अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
विज्ञापन