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संस्थान की गुणवता के लिए नैक मूल्यांकन जरूरी
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल(नैक) की ओर से बीएचयू में दो दिवसीय मूल्यांकन उन्मुखीकरण कार्यक्रम की सोमवार से शुरूआत हुई। इस दौरान उत्तरी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों कुलपति, संस्थानों के निदेशक सहित अन्य लोगों ने नैक मूल्यांकन से जुड़े बिंदुओं पर खुलकर चर्चा की। अतिथियों ने बताया कि संस्थानों की गुणवत्ता के लिए नैक मूल्यांकन जरूरी है।
बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने विशिष्ट शिक्षा और विशिष्ट शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर दिया। कहा कि गुणवान शिक्षक ही किसी संस्थान को नई दिशा और आयाम दे सकते हैं। कुलपति ने किसी संस्थान के साथ-साथ उसके विभागों और शिक्षकों की भी गुणवत्ता का मूल्यांकन करने की बात कही जिससे कि संस्थान के गुणवान शिक्षकों और विभागों की पहचान राष्ट्रस्तर पर हो सके। नैक के सलाहकार प्रो. विष्णुकांत चटपल्ली और डॉ. केरमा आदि ने नैक के महत्व के बारे में बताया और सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मूल्यांकन करने वाले शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षा और संस्थान की गुणवत्ता सुधारने वाले दूत की संज्ञा दी। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसएस रघुवंशी ने किया।
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बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने विशिष्ट शिक्षा और विशिष्ट शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर दिया। कहा कि गुणवान शिक्षक ही किसी संस्थान को नई दिशा और आयाम दे सकते हैं। कुलपति ने किसी संस्थान के साथ-साथ उसके विभागों और शिक्षकों की भी गुणवत्ता का मूल्यांकन करने की बात कही जिससे कि संस्थान के गुणवान शिक्षकों और विभागों की पहचान राष्ट्रस्तर पर हो सके। नैक के सलाहकार प्रो. विष्णुकांत चटपल्ली और डॉ. केरमा आदि ने नैक के महत्व के बारे में बताया और सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मूल्यांकन करने वाले शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षा और संस्थान की गुणवत्ता सुधारने वाले दूत की संज्ञा दी। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसएस रघुवंशी ने किया।
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