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जल ही जीवन है, इसको बरबाद न करें
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:41 AM IST
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ज्ञानपुर। विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद की ओर से सोमवार को विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वच्छ जल, गुणवत्ता परीक्षण पर गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जल संरक्षण पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि केएनपीजी के पर्यावरणविद् डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने जल संरक्षण के लिए तालाबों और पोखरों को सहेजने पर जोर दिया। कहा कि पुराने हैंडपंप, सबमर्सिबल के गड्ढों को पाटना नहीं चाहिए। घरों के आसपास ऐसे गड्ढों को जल संरक्षण के लिए रखना चाहिए। डॉ. रश्मि ने कहा कि हमारे पूर्वज पानी को उबालकर ही स्वच्छ रखते थे और जल स्रोतों को संरक्षित करते। प्रधानाचार्य डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि जल ही जीवन है, इसके संरक्षण के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। हमे नए-नए तरीके से जल संरक्षण के लिए पहल करनी चाहिए। डॉ. मानिक चंद्र पाल ने जल के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर रत्नेश पांडेय, विनयशंकर पांडेय, राजेश कुमार पांडेय आदि रहे। संचालन संतोष सिंह ने किया। इस दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर क्रमश: मो. अफजल, पंकज मौर्य, और अभिषेक रहे। निबंध में संदीप, लक्ष्मी और अफजल और व्याख्यान में संदीप, अफजल और लक्ष्मी रहे। इसके पूर्व अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी तरह भूजल सप्ताह गोष्ठी में वाद-विवाद, स्लोगन, निबंध और चित्रकला का आयोजन किया गया। वाद-विवाद में संदीप मिश्रा प्रथम, आदर्श तिवारी द्वितीय और हर्शित उपाध्याय तृतीय रहे। स्लोगन में अंशू कुमार प्रथम, कृष्ण द्वितीय, निबंध में संदीप प्रथम, अंकित द्वितीय और शनि सरोज तीसरे स्थान पर रहे। चित्रकला में पवन पांडेय प्रथम, हेमंत सिंह चौहान द्वितीय और भाष्कर पांडेय तृतीय रहे। इस मौके पर राम गोपाल तिवारी, शिवचंद यादव, राम प्रताप सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, विशंभर नाथ मिश्र आदि रहे।
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