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24 घंटे में पौने दो मीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:53 AM IST
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सीतामढ़ी। मानसूनी बारिश से गंगा के जल स्तर में महज 24 घंटे में करीब पौने दो मीटर की भारी वृद्धि हो गई है। एक दिन पूर्व जहां रेत के टीले दिख रहे थे, वहीं सोमवार को वहां पानी-पानी दिखने लगा। गंगा के तेजी से घाटों की ओर बढ़ने से गंगा प्रेमियों में जहां खुशी है, वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग सतर्क हो गए हैं। दूसरी ओर बाढ़ से निपटने के कारगर प्रशासनिक उपाय नहीं किए गए हैं। करीब एक महीने विलंब से आए मानसून के चलते गंगा का जलस्तर आषाढ़ में काफी कम रहा। स्थिति यह रही कि बारिश के मौसम में भी जब गंगा का जल स्तर उफान पर होना चाहिए था, उस समय रेत के टीले दिख रहे थे। उल्लेखनीय है कि नवमी मेले के दिन शनिवार को सीतामढ़ी में गंगा का जल स्तर 65.660 मीटर था, वहीं 9 सेंटीमीटर की मामूली बढ़ोतरी के साथ रविवार को दिन में तीन बजे जलस्तर 65.750 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद रविवार और सोमवार को रुक-रुककर हुई बारिश का असर गंगा में दिखने लगा। सोमवार को गंगा के जल स्तर में काफी बढ़ोतरी हुई। रविवार की रात 10 बजे तक जलस्तर में 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे का इजाफा हुआ तो सोमवार को यह घटकर चार सेमी प्रति घंटे पर आ गया। केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार सोमवार को शाम चार बजे गंगा का जल स्तर 67.460 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह 24 घंटे में ही गंगा का जल स्तर कुल मिलाकर 1.710 मीटर बढ़ गया। हालांकि इतने जल स्तर से गंगा तटीय गांवों में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग सजग हो गए हैं। गौरतलब है कि कोनिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में हर वर्ष बाढ़ किसानों को भारी नुकसान पहुंचाती है, लेकिन इस समस्या का कारगर उपाय अब तक नहीं किया जा सका है।
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