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ऐसे तो हो चुकी गंगा अविरल

Fri, 11 May 2018 12:32 AM IST
Updated Fri, 11 May 2018 12:32 AM IST
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ऐसे तो हो चुकी गंगा अविरल
ज्ञानपुर। प्रदूषण से जूझ रही मोक्षदायिनी गंगा की अविरलता कायम रखने के लिए भदोही जिले में कोई प्रयास नहीं किया गया है। लिहाजा गंगा में प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। जिले के गंगा घाटों से लेकर तटीय इलाकों में गंगा में गंदगी का अंबार लग गया है, लेकिन उसकी दुर्दशा की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। सबसे ज्यादा बुरे हालात श्मशान घाटों पर है, जहां शवों को जलाने के बाद राख और गंदगी गंगा में बहा दी जाती है।
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भदोही जिले में गंगा का तटीय इलाका तकरीबन 45 किलोमीटर है। इलाहाबाद सीमा से सटे अरई गांव से शुरू होकर गंगा औराई क्षेत्र तक पहुंचती है। इसमें 43 ग्राम पंचायतों के 89 राजस्व गांव स्थित हैं। तटीय इलाके में गंगा प्रदूषण से भरी पड़ी है। काशी और प्रयाग के मध्य स्थित गंगा के घाटों पर शवदाह से लेकर स्नान और गंदगी बहाने के अन्य कारकों की वजह से गंगा जल दूषित हो चुका है। लेकिन, प्रदूषण से निपटने के लिए जिले स्तर पर कोई भी अभियान अब तक नहीं चलाया गया। सिवा कभी-कभार घाटों के दुकानदारों को गंगा में पॉलीथिन और कपड़े आदि न बहाने को लेकर जागरूक करने के। लिहाजा गंगा गंदगी से पट गई है।
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सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार घाटों पर लोग स्नान के अलावा फूल, माला, साबुन, दातून, गंदे कपड़े, मृत जानवर आदि तमाम तरह की गंदगी गंगा में धड़ल्ले से डालते हैं। गंगा में सबसे अधिक गंदगी और प्रदूषण श्मशान घाटों से हो रहा है। शवों का अंतिम संस्कार लकड़ियों से किया जाता है। लेकिन, अधजली लकड़ियों को लोग घाट पर ही छोड़ देते हैं। इसी तरह शवों के साथ तमाम कपड़े और अन्य सामान लाकर गंगा में डाल दिया जाता है। यहां तक कि कभी-कभी अधजली लाशें तक गंगा में प्रवाहित कर दी जाती हैं। श्मशान घाटों पर गंदगी का अंबार लगा रहता हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण वहां से होकर गुजरना भी काफी तकलीफदेय होता है। इस प्रदूषण से जलीय जीव जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। यह सारी गंदगी गंगा की धारा में होते हुए स्नान घाटों तक पहुंच जाती है, जिसके कारण स्नान घाटों पर पानी नहाने लायक भी नहीं रह गया है। सीतामढ़ी श्मशान पर सरकारी शवदाहगृह भी बना हुआ है, लेकिन बदइंतजामी के चलते यह महज शोपीस बना हुआ है। कुछ ऐसा ही हाल रामपुर समेत अन्य गंगा घाटों का भी है। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि भदोही जिले में गंगा किनारे कोई नगर नहीं हैं। जो छोटे नगर क्षेत्र हैं भी तो वहां से दूरी ज्यादा रहने के कारण सीवर का पानी गंगा तक पहुंचने से पहले ही सूख जाता है। इसके बाद भी घाटों पर गंदगी न फैले, इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन योजना बना रहा है।
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