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अब घर बैठे अफसरों तक पहुंचेंगी शिकायतें
Updated Mon, 23 Apr 2018 01:12 AM IST
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ज्ञानपुर। अब गांव-देहात के कम पढ़े-लिखे लोग भी स्मार्ट बनेंगे। व्यक्तिगत या लोकहित से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को ग्रामीण चंद सेकंड में सरकारी सिस्टम तक पहुंचा सकेंगे। इस काम में उनकी मदद करेगा ‘ग्राम ऐप’, जिसे भदोही जिले के एक युवक ने राजस्थान के सीकर और अमेठी के दो युवा साथियों की मदद से विकसित किया है। फिलहाल केवल भदोही जिले के लिए तैयार किए गए इस खास एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से अपने स्मार्ट फोन में इंस्टाल कर शिकायतों, समस्याओं और सुझावों को सिस्टम तक न सिर्फ पहुंचाया जा सकता है, बल्कि समय-समय पर उनका फॉलोअप और कार्य प्रगति की जानकारी भी अपने पास सुरक्षित रखी जा सकती है।
डिजिटल इंडिया की मुहिम लोगों को भा रही है। जिले के डीघ ब्लॉक क्षेत्र के सागररायपुर गांव निवासी रवीश पांडेय ने ‘ग्राम ऐप’ नाम का एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है, जिससे गांव के लोगों को अपनी या लोकहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बस हाथ की अंगुलियों के इशारे से शिकायतें अथवा समस्याएं ऑनलाइन दर्ज हो जाएंगी और संबंधित विभाग की ई-मेल आईडी पर पहुंच जाएंगी। इसके लिए ऐप में इस तरह के इंतजाम किए गए हैं कि आवेदन करने वाले को ज्यादा परेशान न होना पड़े। केवल समस्या चुनते ही पूरा प्रार्थना पत्र स्वत: लिखकर सामने आ जाएगा। आवेदक चाहे तो उसमें संशोधन भी कर सकता है। इसके बाद प्रार्थना पत्र संबंधित सरकारी विभाग के ई-मेल पते पर चला जाएगा। रवीश ने बताया कि इस ऐप के कांसेप्ट और आईकॉन को डिजाइन करने के बाद उन्होंने इसे गूगल प्ले स्टोर पर पब्लिश किया। राजस्थान के युवा ऐप डेवलपर सुरेंद्र तेतरवाल ने ऐप के फ्रेम और उसकी तकनीक को तैयार किया, जबकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कार्यरत अमेठी के वेबसाइट डेवलपर राहुल मिश्रा ने वेबसाइट और डेटाबेस को अंतिम रूप दिया। रवीश बताते हैं कि तेजी से हाईटेक होते युग में ग्रामीणों को अपनी बात रखने के लिए आसान प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के मकसद से यह कोशिश की गई है। कहा कि ऐप को सरकारी विभागों के ई-मेल से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। तब तक लोगों की शिकायतों को उनकी संस्था के लोग अधिकारियों तक हार्डकापी के रूप में पहुंचाएंगे और उसका फीडबैक भी लेते रहेंगे।
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डिजिटल इंडिया की मुहिम लोगों को भा रही है। जिले के डीघ ब्लॉक क्षेत्र के सागररायपुर गांव निवासी रवीश पांडेय ने ‘ग्राम ऐप’ नाम का एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है, जिससे गांव के लोगों को अपनी या लोकहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बस हाथ की अंगुलियों के इशारे से शिकायतें अथवा समस्याएं ऑनलाइन दर्ज हो जाएंगी और संबंधित विभाग की ई-मेल आईडी पर पहुंच जाएंगी। इसके लिए ऐप में इस तरह के इंतजाम किए गए हैं कि आवेदन करने वाले को ज्यादा परेशान न होना पड़े। केवल समस्या चुनते ही पूरा प्रार्थना पत्र स्वत: लिखकर सामने आ जाएगा। आवेदक चाहे तो उसमें संशोधन भी कर सकता है। इसके बाद प्रार्थना पत्र संबंधित सरकारी विभाग के ई-मेल पते पर चला जाएगा। रवीश ने बताया कि इस ऐप के कांसेप्ट और आईकॉन को डिजाइन करने के बाद उन्होंने इसे गूगल प्ले स्टोर पर पब्लिश किया। राजस्थान के युवा ऐप डेवलपर सुरेंद्र तेतरवाल ने ऐप के फ्रेम और उसकी तकनीक को तैयार किया, जबकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कार्यरत अमेठी के वेबसाइट डेवलपर राहुल मिश्रा ने वेबसाइट और डेटाबेस को अंतिम रूप दिया। रवीश बताते हैं कि तेजी से हाईटेक होते युग में ग्रामीणों को अपनी बात रखने के लिए आसान प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के मकसद से यह कोशिश की गई है। कहा कि ऐप को सरकारी विभागों के ई-मेल से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। तब तक लोगों की शिकायतों को उनकी संस्था के लोग अधिकारियों तक हार्डकापी के रूप में पहुंचाएंगे और उसका फीडबैक भी लेते रहेंगे।
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