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नोटबंदी जैसे हालात, एटीएम हुए कैशलेस, भटक रहे लोग
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। जिले के अधिकतर बैंकों के एटीएम में कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। एसबीआई, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई बैंकों में नो कैश का बोर्ड लगा है, इस वजह से लोगों को निराश लौटना पड़ा है। जिस तरह की स्थिति शहर और ग्रामीण इलाकों में हैं, उससे नोटबंदी जैसे हालात हो गए हैं।
सबसे ज्यादा तो वो लोग परेशान हैं, जिनके घर शादी है और जरूरत पड़ने पर बैंक और एटीएम से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बैंकों ने आरबीआई से 1000 करोड़ रुपये मांगे हैं। अगर इतना कैश मिल जाए तो कुछ हद तक समस्या दूर हो जाएगी। हर दिन जिले के सभी एटीएम से करीब 35 करोड़ रुपये की होती है।
बैंकों के जमा काउंटर पर जहां रुपये जमा करने वालों की संख्या घटी है वहीं, लगभग सभी बैंकों के एटीएम खाली हो गए हैं। मंगलवार को दुर्गाकुंड, लंका, भिखारीपुर, कचहरी, सुंदरपुर, लहुराबीर, लक्सा, लहरतारा, चांदपुर रविंद्रपुरी आदि इलाकों में कई एटीएम पर कैश नहीं था। कुछ जगहों पर तो लोगों के गुस्से से बचने के लिए गार्ड एटीएम का शटर गिराकर बैठे रहे। आरबीआई से 500 और 2000 की पर्याप्त नई करेंसी नहीं भेजी जा रही है।
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सबसे ज्यादा तो वो लोग परेशान हैं, जिनके घर शादी है और जरूरत पड़ने पर बैंक और एटीएम से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बैंकों ने आरबीआई से 1000 करोड़ रुपये मांगे हैं। अगर इतना कैश मिल जाए तो कुछ हद तक समस्या दूर हो जाएगी। हर दिन जिले के सभी एटीएम से करीब 35 करोड़ रुपये की होती है।
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बैंकों के जमा काउंटर पर जहां रुपये जमा करने वालों की संख्या घटी है वहीं, लगभग सभी बैंकों के एटीएम खाली हो गए हैं। मंगलवार को दुर्गाकुंड, लंका, भिखारीपुर, कचहरी, सुंदरपुर, लहुराबीर, लक्सा, लहरतारा, चांदपुर रविंद्रपुरी आदि इलाकों में कई एटीएम पर कैश नहीं था। कुछ जगहों पर तो लोगों के गुस्से से बचने के लिए गार्ड एटीएम का शटर गिराकर बैठे रहे। आरबीआई से 500 और 2000 की पर्याप्त नई करेंसी नहीं भेजी जा रही है।
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