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तट पर रहने वाले गंगा में न होने दें गंदगी
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। संसद की सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए संरक्षण और संवर्धन जरूरी है। गंगा तट पर रहने वालों का कर्तव्य है कि वे गंगा में गंदगी न होने दें। हर व्यक्ति को सप्ताह में एक घंटे मां गंगा की सफाई में देना चाहिए।
शुक्रवार को बनारस दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि एशिया का वाटर टावर हिमालय है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए स्पर्श गंगा बोर्ड का गठन किया था। इसके अलावा हिमनद प्राधिकरण बनाया। उत्तराखंड की आबादी देश की आबादी का एक प्रतिशत भी नहीं है लेकिन सेना में 18 प्रतिशत लोग उत्तराखंड के हैं।
देश के 60 प्रतिशत क्षेत्र को हिमालय पानी और सिंचाई से कवर करता है। यही नहीं, विदेशों से भारत की ओर आने वाली विषैली हवाओं को रोकता है। विकास के नाम पर दूसरे देश कार्बन का उत्सर्जन कर रहे हैं। जिसे हिमालय नीलकंठ की तरह अपने गले में समाहित कर हमें बचाता है। नमामि गंगे के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को रोकने का काम चल रहा है। इस अभियान से स्पर्श गंगा भी जुड़ी है।
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शुक्रवार को बनारस दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि एशिया का वाटर टावर हिमालय है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए स्पर्श गंगा बोर्ड का गठन किया था। इसके अलावा हिमनद प्राधिकरण बनाया। उत्तराखंड की आबादी देश की आबादी का एक प्रतिशत भी नहीं है लेकिन सेना में 18 प्रतिशत लोग उत्तराखंड के हैं।
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देश के 60 प्रतिशत क्षेत्र को हिमालय पानी और सिंचाई से कवर करता है। यही नहीं, विदेशों से भारत की ओर आने वाली विषैली हवाओं को रोकता है। विकास के नाम पर दूसरे देश कार्बन का उत्सर्जन कर रहे हैं। जिसे हिमालय नीलकंठ की तरह अपने गले में समाहित कर हमें बचाता है। नमामि गंगे के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को रोकने का काम चल रहा है। इस अभियान से स्पर्श गंगा भी जुड़ी है।
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