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अहले बैत से मोहब्बत करो, होगा बेड़ा पार
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:12 AM IST
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भदोही। मकनपुर शरीफ के मुफ्ती सैयद शजर अली ने कहा कि अहले बैत से मोहब्बत नूह अलैहिस्सलाम की उस कश्ती की तरह है, जिस पर सवार हुए सभी ईमानवालों का बेड़ा पार हो गया। कहा जिसने भी अहले बैत की कश्ती को छोड़ा उसका बेड़ा गर्क हो गया। उन्होंने कहा कि ऐ ईमान वालों, आका ने जो संदेश दिया उस पर अमल करो। वे बीती रात आलमपुर गुलालतारा जश्ने अहले बैत कांफ्रेंस को खिताब कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि धीरे धीरे लोग इंसानियत की सीख देने वाला हुजूर की सीख भूलाते जा रहे हैं। आज मुसलमानों की परेशानियों की यही सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने दीन कैसे फैलाया हम सब जानते हैं फिर क्यों उनकी बताई बातों से गाफिल (बेपरवाह) हो रहे हैं। मुफ्ती ने कहा कि सुन्नतों पर अमल से तुम्हारी दुनिया और आखेरत संवरेगी। लोगों को बताया कि नमाज से छुटकारा नहीं है। नमाज कायम करो। झूठ, फरेब, अमानत में खयानत से बचो।
कहा अगर अपना भाई गलत हो तो उसे गलत कहो और कोई गैर ईमान वाला सही है तो उसकी हिमायत करो। इंसाफ का तकाजा यही है। कोई जरुरतमंद हो तो उसका नाम न पूछो उसकी मदद करो। मकनपुर से तशरीफ लाए सैयद गाजी वकार, सैयद रुहुल अमीन, हाफिज महताब ने नाते नजराना पेश किया। निजामत हाफिज आबिद ने किया। मो.सुल्तान अली, अनवर अली, अर्सलान अली, आरिफ अली, अजहर अली, अख्तर अली, मो.रफीक शाह, फारुक मदारी, हाजी बबलू शाह, रईस अहमद मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि धीरे धीरे लोग इंसानियत की सीख देने वाला हुजूर की सीख भूलाते जा रहे हैं। आज मुसलमानों की परेशानियों की यही सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने दीन कैसे फैलाया हम सब जानते हैं फिर क्यों उनकी बताई बातों से गाफिल (बेपरवाह) हो रहे हैं। मुफ्ती ने कहा कि सुन्नतों पर अमल से तुम्हारी दुनिया और आखेरत संवरेगी। लोगों को बताया कि नमाज से छुटकारा नहीं है। नमाज कायम करो। झूठ, फरेब, अमानत में खयानत से बचो।
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कहा अगर अपना भाई गलत हो तो उसे गलत कहो और कोई गैर ईमान वाला सही है तो उसकी हिमायत करो। इंसाफ का तकाजा यही है। कोई जरुरतमंद हो तो उसका नाम न पूछो उसकी मदद करो। मकनपुर से तशरीफ लाए सैयद गाजी वकार, सैयद रुहुल अमीन, हाफिज महताब ने नाते नजराना पेश किया। निजामत हाफिज आबिद ने किया। मो.सुल्तान अली, अनवर अली, अर्सलान अली, आरिफ अली, अजहर अली, अख्तर अली, मो.रफीक शाह, फारुक मदारी, हाजी बबलू शाह, रईस अहमद मौजूद रहे।
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