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धान की खरीद ठप, भटक रहे किसान

Tue, 30 Jan 2018 01:32 AM IST
Updated Tue, 30 Jan 2018 01:32 AM IST
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धान की खरीद ठप, भटक रहे किसान
ज्ञानपुर। चावल भंडारण की समस्या के चलते भदोही जिले में धान खरीद का लक्ष्य लड़खड़ाने लगा है। जिले में खोले गए धान क्रय केंद्रों में धान की खरीद ठप हो गई है। किसान अपनी उपज लेकर एक केंद्र से दूसरे केंद्र भटक रहे हैं लेकिन कहीं धान की खरीदारी नहीं हो रही। राइस मिलों से लेकर हरियांव डिपो तक चावल रखने की रत्तीभर जगह नहीं बची है, जिसके चलते चावल भंडारण के साथ ही धान की खरीद पर भी संकट गहरा गया है। खरीद सीजन का अंतिम दौर में पहुंच गया है लेकिन अब तक सिर्फ 60 फीसदी धान की खरीद हो सकी है। ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य 30 फीसदी तक पूरा नहीं होने के आसार बन गए हैं।
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क्रय केंद्रों पर धान तो एफसीआई के हरियांव डिपो पर चावल से भरे हजारों बोरे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। एफसीआई के हरियांव डिपो की क्षमता 7500 मीट्रिक टन है, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर धान क्रय केंद्रों पर काफी मात्रा में धान इकठ्ठा हो गया है। जगह न होने के कारण क्रय केंद्रों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। यही हाल रहा तो खरीद का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल हो जाएगा। धान की दराई के लिए चयनित 21 राइस मिलें क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं कर रही हैं क्योंकि उनके यहां भारी मात्रा में चावल के ढेर लग गए हैं। अब तक तैयार महज 44.67 फीसदी चावल का ही मिलों से उठान हो सकी है। इससे मिलों के पास धान रखने की जगह नहीं रह गई है। केंद्रीय भंडारण निगम का बभनौटी डिपो 2011 से केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त के कब्जे में है। केंद्रीय भंडारण निगम 2013 से डिपो को उनके कब्जे से छोड़वाने का प्रयास कर रहा है मगर सफल नहीं हो सका। पहले यह डिपो आयुक्त इलाहाबाद के अधीन था। अब यह केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त लखनऊ के अधीन है। चावल भंडारण की समस्या को देखते हुए इस डिपो को हासिल करने के लिए जिलाधिकारी विशाख जी ने आयुक्त केंद्रीय उत्पाद शुल्क, इलाहाबाद को पत्र लिखा था। अब लखनऊ आयुक्त से बात की जा रही है।
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जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने पर 36113 मीट्रिक टन चावल की आवक होगी जबकि एफसीआई के हरियांव डिपो की क्षमता केवल 7500 एमटी है, जो भर चुका है। वहीं केंद्रीय भंडारण निगम बभनौटी डिपो की क्षमता 5000 एमटी है। बभनौटी डिपो मिलने के बाद चावल भंडारण की समस्या खत्म हो जाएंगी। पीडीएस प्रणाली के तहत भी चावल की उठान कम हो पा रही है। इसके तहत केवल 2600 एमटी चावल हर महीने उठ हो रहा है। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 53900 एमटी है। अब तक 32833.20 एमटी धान की ही खरीद की जा सकी है, जो लक्ष्य का 60.915 फीसदी है। वहीं, मिलों में 21526 एमटी चावल तैयार है जबकि 9828 एमटी चावल का ही उठान हो सकी है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से धान की खरीद काफी धीमी हो गई है, जिससे किसान परेशान हैं।
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