{"_id":"59b1ab4a4f1c1be27f8b4c9c","slug":"201504815946-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारनाथ के दंपति हत्याकांड में एक को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारनाथ के दंपति हत्याकांड में एक को उम्रकैद
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। सारनाथ थाने के दंपति हत्याकांड और उनकी दो पुत्रियों पर लूट की नीयत से जानलेवा हमला के मामले में अभियुक्त बड़कू यादव को दोषी पाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सक्सेना की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 14 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह फैसला गुरुवार को सुनाया।
डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह के अनुसार सारनाथ थाना अंतर्गत हिरामनपुर न्यू कॉलोनी निवासी मुखराम तिवारी की बड़ी बेटी की शादी होने वाली थी। शादी के गहने लूटने की नीयत से पड़ोसी बड़कू यादव एक अन्य बदमाश राजकुमार के साथ दो मार्च 2008 की रात मुखराम तिवारी के घर में घुस गया। उस दौरान मुखराम की बेटी सरिता जेनरेटर बंद करने गई थी। आरोपियों ने लूट का विरोध करने पर मुखराम तिवारी और उनकी पत्नी पार्वती की हत्या कर दी थी। वहीं, सरिता और उसकी बहन सितिका के ऊपर धारदार हथियार से हमला करने के बाद उन्हें मृत समझ कर छत के रास्ते भाग निकले थे। चीख-पुकार सुनकर एकजुट हुए ग्रामीणों ने आरोपी बड़कू यादव को वारदात में प्रयुक्त चापड़ और असलहे के साथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। मामले को लेकर मुखराम तिवारी के साले बलिया के नरही निवासी त्रिवेणी ठाकुर ने सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बहस के दौरान 19 गवाह पेश किए गए। इस मामले को विरलतम बताकर अभियोजन ने आरोपी के लिए फांसी की सजा मांग की। कोर्ट में वादी के अधिवक्ता प्रदेश के मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और अवधेश सिंह थे। वहीं, मामले के दूसरे अभियुक्त राजकुमार की गिरफ्तारी ही अब तक नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह के अनुसार सारनाथ थाना अंतर्गत हिरामनपुर न्यू कॉलोनी निवासी मुखराम तिवारी की बड़ी बेटी की शादी होने वाली थी। शादी के गहने लूटने की नीयत से पड़ोसी बड़कू यादव एक अन्य बदमाश राजकुमार के साथ दो मार्च 2008 की रात मुखराम तिवारी के घर में घुस गया। उस दौरान मुखराम की बेटी सरिता जेनरेटर बंद करने गई थी। आरोपियों ने लूट का विरोध करने पर मुखराम तिवारी और उनकी पत्नी पार्वती की हत्या कर दी थी। वहीं, सरिता और उसकी बहन सितिका के ऊपर धारदार हथियार से हमला करने के बाद उन्हें मृत समझ कर छत के रास्ते भाग निकले थे। चीख-पुकार सुनकर एकजुट हुए ग्रामीणों ने आरोपी बड़कू यादव को वारदात में प्रयुक्त चापड़ और असलहे के साथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। मामले को लेकर मुखराम तिवारी के साले बलिया के नरही निवासी त्रिवेणी ठाकुर ने सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बहस के दौरान 19 गवाह पेश किए गए। इस मामले को विरलतम बताकर अभियोजन ने आरोपी के लिए फांसी की सजा मांग की। कोर्ट में वादी के अधिवक्ता प्रदेश के मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और अवधेश सिंह थे। वहीं, मामले के दूसरे अभियुक्त राजकुमार की गिरफ्तारी ही अब तक नहीं हो पाई है।
विज्ञापन