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बिड़ला हॉस्टल के बाहर आधी रात के बाद हवाई फायरिंग
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वाराणसी। बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल के बाहर शुक्रवार आधी रात के बाद बाइक सवार दो युवकों ने हवाई फायरिंग की। शनिवार सुबह 10 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब इसकी जानकारी हुई। मौके से पुलिस ने अलग-अलग पिस्टल के दो खोखे भी बरामद किए हैं। घटना से छात्र दहशत में हैं।
विश्वविद्यालय परिसर का माहौल फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही गर्म चल रहा है। कभी मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी तो कभी फायरिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं। 24-25 फरवरी को स्पंदन के दौरान मारपीट, फिर 12 मार्च को कला संकाय के बाहर छात्र की पिटाई, हवाई फायरिंग मामले की जांच चल ही रही है कि 15/16 मार्च की रात फिर हवाई फायरिंग हो गई। शनिवार सुबह वायरल वीडियो में मुंह बांधे दो युवक बिड़ला हॉस्टल के बाहर सड़क पर फायरिंग करते हैं और फिर बाइक स्टार्ट कर चले जाते हैं। अंधेरा होने की वजह से दोनों की पहचान में मुश्किल हो रही है।
उधर, बिड़ला सी के छात्र आशुतोष त्रिपाठी ने खुद पर फायरिंग होने की सूचना लंका पुलिस का दी थी, जिस पर धीरज सिंह, गौरव मिश्रा और अभिजीत मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला पेशबंदी का निकला। लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया, सर्विलांस में उनकी लोकेशन बीएचयू परिसर के बाहर थे। पूरा मामला पेशबंदी का है। वहीं, विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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विश्वविद्यालय के बिड़ला अ हॉस्टल में कमरों की तलाशी के दौरान कवरेज करने गए एक चैनल के पत्रकार प्रहलाद पांडेय ने चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा कर्मियों पर बंधक बनाकर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने सफाई दी है। उनका कहना है कि कला संकाय प्रमुख, छात्रावास प्रशासन की मौजूदगी में कमरों की तलाशी के दौरान बिना अनुमति हॉस्टल में वीडियो बना रहे प्रहलाद पांडेय को सिर्फ रिकार्डिंग न करने को कहा गया था।
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विश्वविद्यालय परिसर का माहौल फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही गर्म चल रहा है। कभी मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी तो कभी फायरिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं। 24-25 फरवरी को स्पंदन के दौरान मारपीट, फिर 12 मार्च को कला संकाय के बाहर छात्र की पिटाई, हवाई फायरिंग मामले की जांच चल ही रही है कि 15/16 मार्च की रात फिर हवाई फायरिंग हो गई। शनिवार सुबह वायरल वीडियो में मुंह बांधे दो युवक बिड़ला हॉस्टल के बाहर सड़क पर फायरिंग करते हैं और फिर बाइक स्टार्ट कर चले जाते हैं। अंधेरा होने की वजह से दोनों की पहचान में मुश्किल हो रही है।
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उधर, बिड़ला सी के छात्र आशुतोष त्रिपाठी ने खुद पर फायरिंग होने की सूचना लंका पुलिस का दी थी, जिस पर धीरज सिंह, गौरव मिश्रा और अभिजीत मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला पेशबंदी का निकला। लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया, सर्विलांस में उनकी लोकेशन बीएचयू परिसर के बाहर थे। पूरा मामला पेशबंदी का है। वहीं, विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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विश्वविद्यालय के बिड़ला अ हॉस्टल में कमरों की तलाशी के दौरान कवरेज करने गए एक चैनल के पत्रकार प्रहलाद पांडेय ने चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा कर्मियों पर बंधक बनाकर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने सफाई दी है। उनका कहना है कि कला संकाय प्रमुख, छात्रावास प्रशासन की मौजूदगी में कमरों की तलाशी के दौरान बिना अनुमति हॉस्टल में वीडियो बना रहे प्रहलाद पांडेय को सिर्फ रिकार्डिंग न करने को कहा गया था।