{"_id":"5c841f26bdec2214204738b9","slug":"191552162598-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चांद का दीदार होते ही जत्था अजमेर रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चांद का दीदार होते ही जत्था अजमेर रवाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। हजरत ख्वाजा मोईनउद्दीन चिश्ती अजमेरी(रह) उर्स की छठीं के मौके पर नगर व आसपास से गरीब नवाज़ के चाहने वालों का जत्था रेल मार्ग से रवाना हुआ। जत्थे में मस्जिद खुद बख्श लंगड़े हाफिज के शाही इमाम मौलाना जकीउल्लाह असदुल कादरी के जेरे निगरा रवाना हुआ। इसी प्रकार हाजी इकबाल, मुहम्मद अरीब आदि सहित सैकड़ों लोग रवाना हुए। शुक्रवार की शाम चांद का ऐलान होते ही बीती रात कई स्थानों पर फातेहा और अजमेर में चढ़ाई जाने वाली चादर को आम लोगों की जियारत के लिए रखा गया। जो अकीदतमंद नहीं जा पा रहे हैं उन्होंने अपनी ओर से दरगाहे अजमेरी में फातिहा कराने के लिए हिस्सा लिया।
अजमेर का मुख्य उर्स गुरुवार को होना है। कुछ लोग चांद का इंतजार किए बगैर जत्थे के रूप में बुधवार से ही दिल्ली में हजरत बख्त्यार काकी (रह) के दरगाह पर चादर पेश कर अजमेर रवाना हो चुके हैं। अब ये सिलसिला 12 मार्च तक जारी रहेगा। विदा करने वाले लोग या अजमेरी, हक अजमेरी और हिन्दवली जिन्दाबाद का नारा लगते हुए अगले साल हमें भी बुलानेकी दुआ के साथ जत्थे को विदा किया। अजमेर में शनिवार से शुरू हुआ उर्स 18 तक जारी रहेगा। उधर चाँद के ऐलान के बाद मुस्लिम बाहुल्य इलाके में फातिहा और मिलाद का सिलसिला भी शुरू हो गया।
विज्ञापन
अजमेर का मुख्य उर्स गुरुवार को होना है। कुछ लोग चांद का इंतजार किए बगैर जत्थे के रूप में बुधवार से ही दिल्ली में हजरत बख्त्यार काकी (रह) के दरगाह पर चादर पेश कर अजमेर रवाना हो चुके हैं। अब ये सिलसिला 12 मार्च तक जारी रहेगा। विदा करने वाले लोग या अजमेरी, हक अजमेरी और हिन्दवली जिन्दाबाद का नारा लगते हुए अगले साल हमें भी बुलानेकी दुआ के साथ जत्थे को विदा किया। अजमेर में शनिवार से शुरू हुआ उर्स 18 तक जारी रहेगा। उधर चाँद के ऐलान के बाद मुस्लिम बाहुल्य इलाके में फातिहा और मिलाद का सिलसिला भी शुरू हो गया।
विज्ञापन