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ट्रामा सेंटर के निर्माण में धांधली
Updated Sat, 05 May 2018 01:04 AM IST
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ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को औराई में निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर और सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रामा सेंटर का निर्माण ढंग से होता नहीं मिला। दोयम दर्जे की ईंट, बालू, सीमेंट की कम मात्रा संग दीवार भी सही नहीं मिली। डीएम ने जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित की है। साथ ही कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसी तरह सीएचसी में बाहरी दवा मिलने पर फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है।
डीएम राजेंद्र प्रसाद सुबह करीब 11 बजे अचानक निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर देखने पहुंचे। डीएम को देख अन्य कर्मियों में खलबली मच गई। ट्रामा सेंटर निर्माण की दीवाल सही नहीं मिली। डीएम ने मिस्त्री और राजगीर से सूत से मिलान करावाया तो दीवाल टेढ़ी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तकनीकी टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया। जांच टीम को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसके बाद डीएम सीएचसी औराई में पहुंचे। यहां मरीज मंजू देवी से मिले। उसके दवाओं की जांच की तो प्रोटीन औ सीरफ बाहर के मेडिकल स्टोर की पाई गई। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और एमओआईसी को कड़ी फटकार लगाई। दवा स्टोर कक्ष के निरीक्षण में दवा मिलान में स्टाक में 23200 टैबलेट होनी चाहिए थी, किंतु मौके पर 22200 टैबलेट मिली। डीएम ने फार्मासिस्ट पवन श्रीवास्तव और स्टोर इंचार्ज सत्यराम यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। सीएमओ को निर्देश दिया कि सभी सीएचसी और पीएचसी की व्यवस्थाएं सही कराएं। डीएम ने इसी तरह ओपीडी कक्ष, डिलेवरी कक्ष, एटीएस कक्ष, एमरजेंसी कक्ष, औषधि कक्ष का निरीक्षण किया। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, एसडीएम केशवनाथ गुप्ता आदि रहे।
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डीएम राजेंद्र प्रसाद सुबह करीब 11 बजे अचानक निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर देखने पहुंचे। डीएम को देख अन्य कर्मियों में खलबली मच गई। ट्रामा सेंटर निर्माण की दीवाल सही नहीं मिली। डीएम ने मिस्त्री और राजगीर से सूत से मिलान करावाया तो दीवाल टेढ़ी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तकनीकी टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया। जांच टीम को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसके बाद डीएम सीएचसी औराई में पहुंचे। यहां मरीज मंजू देवी से मिले। उसके दवाओं की जांच की तो प्रोटीन औ सीरफ बाहर के मेडिकल स्टोर की पाई गई। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और एमओआईसी को कड़ी फटकार लगाई। दवा स्टोर कक्ष के निरीक्षण में दवा मिलान में स्टाक में 23200 टैबलेट होनी चाहिए थी, किंतु मौके पर 22200 टैबलेट मिली। डीएम ने फार्मासिस्ट पवन श्रीवास्तव और स्टोर इंचार्ज सत्यराम यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। सीएमओ को निर्देश दिया कि सभी सीएचसी और पीएचसी की व्यवस्थाएं सही कराएं। डीएम ने इसी तरह ओपीडी कक्ष, डिलेवरी कक्ष, एटीएस कक्ष, एमरजेंसी कक्ष, औषधि कक्ष का निरीक्षण किया। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, एसडीएम केशवनाथ गुप्ता आदि रहे।
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